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भंग के रंग में डॉन की होली


आज चिट्ठाकार समूह पर गया तो गिरिराज दत्त हर्ष जी की लिखी ये पंक्तियाँ दिखीं। बस भंग के तरंग में हमने भी कर डाली तुकबन्दीपहला पैराग्राफ दत्त जी का है, इसका क्रेडिट उन्हीं को जाता है

mmmmm prr prr
अरे भंग का रंग जमा हो चका चक
फिर ल्यो नेट चलाय
humm humm आहा!
अईसा चस्का लगा है हमको
दिन भर ब्लॉग में बिताय

ओ चलइके ब्रॉडबैंड बीएसएनएल वाला – (२)
खुलि जाए बंद इंटरनेट का ताला
चलइके ब्राडबैंड बीएसएनएल वाला
पासवर्ड ब्लॉगर का डाला
फिर तो अईसी लिखे है प्रविष्टि
सीधी नारद की जाए है दृष्टि
ओ ब्लॉगर गंगा किनारे वाला – (२)
चलइके…

अरे, कईसा सीधा सादा मैं कईसा भोला भाला
जाने कौन घड़ी में पड़ गया ब्लॉगियों से पाला
मीठी टिप्पणी से, मीठी टिप्पणी से हुआ हलाल
ब्लॉगर गंगा किनारे वाला – (२)

संजय भईया आए उड़नतश्तरी चलाए
पीछे पीछे देखो टिप्पणियाँ आती जाए
ओ मिली टिप्पणी तो, मिली टिप्पणी तो हुआ निहाल
ब्लॉगर गंगा किनारेवाला…

एक टिप्पणी कुँवारी हमरी पोस्ट पे आ गई हाय हाय हाय
एक मीठी कटारी, हमरे दिल में उतर गई हाय हाय
कैसी गोरी गोरी ओ तीखी तीखी छोरी, वाह वाह!
अरे कैसी गोरी गोरी ओ तीखी तीखी छोरी
करके जोरा-जोरी, कर गई हमरी पोस्ट की चोरी
ओ मिली टिप्पणी तो, मिली टिप्पणी तो हुआ निहाल
ब्लॉगर गंगा किनारेवाला…



चिप्पियाँ:




9 टिप्पणियाँ

  1. अरे भाई,
    ई तो नेट की होली भी बता दी…
    :) :)
    होली मुबारक!!

  2. श्रीश महाशय, होली की हार्दिक शुभकामना ।

    हम जब लिखने बैठें तब भंग का रंग दिमाग पर हावी हो चुका था तो बीच् में छोड के सो गये ओर अब जब दुबारा शुरु करने की सोची तो ……….

    भईया हम इससे बठिया नहीं लिख पाते ।

  3. वाह पंडित जी, तुकबंदी भी खूब कर लेते हो।
    बढ़िया

  4. बहुत बढ़िया !
    घुघूती बासूती

  5. अब कविता ही लिखा करो, मास्साब. बहुत अच्छी लिख लेते हो. :)

    –होली की बहुत शुभकामनायें और मुबारकबाद!! :)

  6. tum dono to geetkaaron ki chuti kar doge….kya geet likha hai

  7. वाह…वाह…..

    क्या गीत लिखा है. एकदम होलीमय हो गया चिट्ठा.

    खुश हो कर एक कुंआरी, गोरी-गोरी, तीखे नयनो वाली टिप्पणी छोडे जा रहा हूँ.

  8. बढि़या है। और कुछ लिखो हम हैं ताली बजाने के लिये। बता दो दुनिया को पंडितजी कि कविता केवल समीरलाल और उनके काबिल चेले ही नहीं कर पाते हैं। और लोग भी हैं। लिखो जो होगा देखा जायेगा। एक कमेंट तो कहीं गया नहीं तुम्हारा!

  9. होली की बधाइयाँ श्रीष !!

    इस होली मैने अपना ब्लौग शुरु कर ही दिया.

    इस ब्लौग में मैं और मेरा दोस्त गौतम मिल कर कुछ लिख्नेंगे.

    अभी शुरुआत है, देखते है की आगे क्या होता है :)

    http://www.madeshia.com/

    हिमांशु

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