ब्लॉगर हैक – टिप्पणियों में कहा था… को बदलकर ने कहा… करना
निम्न स्क्रीनशॉट देखिए:
जब भी ब्लॉगर ब्लॉग में कोई टिप्पणी करते हैं तो टिप्पणीकर्ता के नाम के साथ लिखा आता है: अमुक कहा था…
इस समस्या से सभी चिट्ठाकार बंधु दुखी हैं। अब ब्लॉगर भैया ने तो अपने हिसाब से said का ठीक ही अनुवाद किया, पर यह हास्यास्पद लगता है। इस समस्या बारे दो तीन मेल मिलीं। खैर आलस्यवश मैं टाल ही रहा था लेकिन पिछले सप्ताह फिर अनुराग भाई की मेल मिली, मेल का शीर्षक था ‘यज्ञ के लिए पंडित चाहिए’ इसके अलावा आगे भी पत्र व्यवहार इतनी मजेदार भाषा में हुआ कि मुझे इस विषय पर लिखने को बाध्य होना पड़ा। अनुराग भाई की सेन्स ऑफ ह्यूमर की दाद देनी होगी। ![]()
तो भाई गए प्रयोगशाला में, थोड़ा झक मारा और काम बन गया।
उम्मीद है आज की क्लास हिट जरुर होगी।
अब हम इस ‘कहा था…‘ को बदलकर ‘ने कहा…’ करेंगे।
» अपने टैम्पलेट में निम्न कोड ढूंढें।

» इसे डिलीट करके इसकी जगह निम्न टैक्स्ट लिख दीजिए।
ने कहा...
» टैम्पलेट सेव कर दीजिए।
अब किसी पोस्ट पर जाकर जाँच कीजिए। ‘कहा था…’ बदलकर ‘ने कहा…’ हो चुका होगा।
जो भी भाई यह हैक प्रयोग करें, इस पोस्ट पर टिप्पणी करना अनिवार्य है। अन्यथा आपकी कमेन्ट्स में फिर से ‘कहा था …’ हो जाएगा। ![]()






















भई वाह श्रीश..मैंने कल ही परिचर्चा में ये सवाल पोस्ट किया था .. और आज आपने हल दे दिया…मैंने आप के निर्देशानुसार किया और वांछित बदलाव हो गया.. बहुत धन्यवाद..आप ने बढ़िया यज्ञ सम्पन्न किया..
“…जो भी भाई यह हैक प्रयोग करें, इस पोस्ट पर टिप्पणी करना अनिवार्य है। अन्यथा आपकी कमेन्ट्स में फिर से ‘कहा था …’ हो जाएगा।…”
फिर तो मेरे लिए कहा था ही ठीक है.
वैसे, अलाली भी एक वज़ह है!
मुझे लगता है कि ‘ने कहा था’ या ‘ने कहा’ के स्थान पर ‘उवाच’ (जैसे- श्री संजय उवाच) भी अच्छा जमेगा।
यह हैक हमारे लिए नहीं, मगर यह टिप्पणी जानकारी बाँटने पर आपके लिए है.
अच्छा है, जिसको जो पसन्द हो लिख ले, उवाच या कहते हैं, क्या फरक पड़ता है
जैसे
संजय बैंगाणी कहते हैं……
श्रीशजी जानकारी के लिए धन्यवाद,
परन्तु इसके पीछे क्या रहस्य है।
“.जो भी भाई यह हैक प्रयोग करें, इस पोस्ट पर टिप्पणी करना अनिवार्य है। अन्यथा आपकी कमेन्ट्स में फिर से ‘कहा था …’ हो जाएगा।”
आपने इस कार्य हेतु क्या कोई नया मन्त्र रचा है, “ॐ ऐं कमेंटं पुर्ववत् भव स्वाहा” जैसा।
@अभय तिवारी,
जानकर खुशी हुई कि कक्षा आपके लिए उपयोगी रही।
@RaviRatlami,
रवि जी, आपने तो टिप्पणी कर दी है, आपकी पोस्टों थोड़ी न होगा फिर से ‘कहा था…’
‘अलाली’ क्या होता है ?
@snsingh,
सिंह जी, ने कहा के स्थान पर आप कुछ भी टैक्स्ट लिख सकते हैं।
@संजय बेंगाणी,
धन्यवाद !
@सागर चन्द नाहर,
सागर भाई कहते हैं महिला नामों के साथ नहीं जँचेगा जैसे:
वंदना कहते हैं…
@Vishal,
विशाल जी धन्यवाद, कुछ ऐसा ही मन्त्र सोचा जा रहा है।
जो टैग आपने बताया है वह टैग मुझे, अपने टेम्प्लेट में नहीं मिला। आप पहले अपने में भी बदल कर हमें दिखायें।
श्रीष जी,
गणेश ने आपके साइट के लिये एक लोगो तैयार किया है…. जरा देखिये तो
http://hindi.madeshia.com/
पता नहीं क्यों अब ब्लौग के पोस्ट नाराद पर नहीं आ रहे हैं. जीतू जी से बात क्ररना पङेगा लगता है
और हाँ, एक चीज तो बताना ही भूल गया. बहुत पहले मैने किसी भी पेज पर हिन्दी में लिखने के लिये एक टूल बनाया था. उसे मैने फिर से अपलोड कर दिया है.
इस लिंक को एक बार जरूर देखिएगा:
http://hindi.kushinara.com/
अभी मैं इस पर काम कर ही रहा हूँ. पर अपने सुझाव जरूर दीजियेगा, ताकि इसे और बेहतर बानाया जा सके.
और हो सके तो दूसरों को इस टूल के बारे में जरूर बताइयेगा.
वाह श्रीश भाई “ई पंडित वाली इमेज चुरा लूँ क्या ?” ये भी कोई पुछ्ने वाली बात है वो भी छोटे भाई से.आपके लिये ही तो बनाया है. अगली क्लास में मैं आपको हेड्रर बनानें के विषय में जानकारी दुंगा.
आपने जो “ब्लॉगर हैक” के विषय में जानकारी दी उसके लिये शुक्रिया.