फायरफॉक्स पर हिन्दी टाइप करने के लिए कुछ एक्सटेंशन उपलब्ध हैं। इनमें शामिल हैं Indic IME, Indic Input Extension तथा Any Key. सबसे पहले तो बताना चाहूँगा कि हिन्दी टाइपिंग के ढेरों टूल होने के बावजूद इन फायरफॉक्स एक्सटेंशनों का क्या लाभ है।
» इनमें किसी तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड नहीं करना पड़ता। अगर आपके सिस्टम में फायरफॉक्स इंस्टाल है तो केवल कुछ सेकिडों में इन छोटे आकार (कुछ किलोबाइट मात्र) की ऐक्सटेंशनों को इंस्टाल किया जा सकता है।
» ये एक्सटेंशने ऑनलाइन टाइपिंग टूल्स जैसे यूनिनागरी, हग आदि से इस मामले में बेहतर हैं कि इनमें टैक्स्ट को कॉपी करके वांछित जगह पर चिपकाना (Paste) नहीं पड़ता बल्कि आप वेब पर किसी भी जगह सीधे हिन्दी में लिख सकते हैं अर्थात ये IME (इनपुट मैथड एडीटर) की तरह कार्य करती हैं।
» ये टूल फायरफॉक्स पर आधारित होने की वजह से ऑपरेटिंग सिस्टम इंडिपेंडेंट हैं अर्थात ये विंडोज 98/ME तथा लिनक्स आदि पर भी मजे से काम करेंगे। वैसे तो विंडोज 98/ME के लिए काफी टाइपिंग टूल (ऑनलाइन तथा ऑफलाइन) उपलब्ध हैं लेकिन उन सब में कॉपी-पेस्ट का झंझट है जबकि इनसे IME की तरह सीधे ही हिन्दी में लिखा जा सकता है। मेरे विचार से विंडोज 98/ME में वेब पर हिन्दी टाइप करने करने का ये सर्वश्रेष्ठ तरीका है।
» हो सकता है कि आप किसी ऑफिस, कॉलेज अथवा साइबर कैफे आदि में हैं जहाँ कि आप किसी Exe फाइल आदि को इंस्टाल नहीं कर सकते। यदि वहाँ फायरफॉक्स है तो मेरे विचार से एक्सटेंशन इंस्टाल करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
अब बात करते हैं उपरोक्त तीनों एक्सटेंशनों की।
Indic IME
नाम पर मत जाइए, यह एक्सटेंशन माइक्रोसॉफ्ट के Indic IME टूल से किसी प्रकार प्रकार संबंधित नहीं है। यह फायरफॉक्स में सबसे ऊपर एक टूलबार इंस्टाल करती है जिस पर कीबोर्ड एवं भाषा चुनने तथा हैल्प के बटन उपलब्ध हैं।
इसमें फोनेटिक (WX) तथा इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड शामिल हैं। इसमें देवनागरी (हिन्दी, संस्कृत, मराठी), बंगाली, गुरुमुखी (पंजाबी) , गुजराती, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, तमिल, तेलगू तथा सिंहला भाषाएं शामिल हैं।
इसे सुरेखा शास्त्री तथा श्रीनिवास राघवन जी ने विकसित किया है जो कि सराय से संबंधित हैं (नीलिमा जी इनके बारे में कुछ बता सकती हैं?)
इस टूल की कुछ कमियाँ निम्न हैं:
» इसकी ट्रांसलिट्रेशन स्कीम कुछ अप्रचलित तथा जटिल सी है। कई वर्ण तथा मात्राएं बिना हैल्प के टाइप करना मुश्किल है।
» यह टूलबार के रुप में है जो कि ब्राउजर में काफी स्थान घेरता है। मेरी तरह कई लोग टूलबारों को पसंद नहीं करते।
» हिन्दी-अंग्रेजी भाषाओं में टॉगल करने के लिए कोई कीबोर्ड शॉर्टकट नहीं है। हर बार टूलबार से भाषा बदलनी पड़ती है।
होमपेज : http://indicime.mozdev.org तथा http://mail.sarai.net:8080/indic
कीबोर्ड (ट्रांसलिट्रेशन) हैल्प: फोनेटिक, इनस्क्रिप्ट
स्क्रीनशॉट्स : यहाँ देखिए
विवरण तथा इंस्टालेशन: फायरफॉक्स के विभिन्न संस्करणों के लिए निम्न पन्नों पर जाएं।
फायरफॉक्स वर्जन 1.0 – 1.0+ : Indic IME Toolbar 0.2, साइज : 14 KB
फायरफॉक्स वर्जन 1.5 – 1.5+: Indic IME (Firefox 1.5 Edition) 1.0, साइज : 22 KB
फायरफॉक्स वर्जन 2.0 : Indic IME, साइज : 31 KB
Indic Input Extension
यह एक्सटेंशन मुझे हर लिहाज से सर्वश्रेष्ठ लगी। हालांकि यह Indic IME नामक उपरोक्त एक्सटेंशन के आधार पर ही डेवलप की गई है लेकिन ये उसकी बजाय काफी बेहतर और उन्नत है। यह IME कई भाषाओं में कार्य करती है जिसमें हिन्दी, मराठी, नेपाली, गुजराती, बांग्ला, पंजाबी (गुरुमुखी) तथा तमिल, तेलगू आदि दक्षिण भारतीय भाषाएं शामिल हैं। फोनेटिक (RTS) कीबोर्ड केवल हिन्दी, मराठी, तेलगू तथा तमिल हेतु उपलब्ध है। अन्य हेतु केवल फोनेटिक (WX) तथा इनस्क्रिप्ट उपलब्ध हैं।
इसके डेवलपर प्रसाद जी हैं जिन्होंने इसे विकसित करने में Indic IME प्रोजेक्ट तथा Entrans प्रोजेक्ट की मदद ली।
इसके निम्न फीचर्स हैं:
» फोनेटिक कीबोर्ड में आसान ट्रांसलिट्रेशन स्कीम जो कि प्रचलित मानकों पर आधारित है, अतः बिना कठिनाई के टाइप किया जा सकता है।
» इसमें फोनेटिक (RTS), फोनेटिक (WX) तथा इनस्क्रिप्ट तीन कीबोर्ड उपलब्ध हैं। फोनेटिक (RTS) कीबोर्ड की ट्रांसलिट्रेशन स्कीम प्रचलित ट्रांसलिट्रेशन औजारों जैसी ही है।
» हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषाओं में स्विच करना एकदम आसान, बस Ctrl+Space दबाइए।
» टूलबार का चक्कर नहीं अतः ब्राउजर विंडो में जगह की बचत होती है।
एक्सटेंशन इंस्टाल करने के पश्चात इसका आइकॉन (वर्टिकल तिरंगा झंडा) फायरफॉक्स के स्टेटस बार में आ जाएगा, उस पर क्लिक करके हिन्दी भाषा तथा अपना कीबोर्ड (फोनेटिक के लिए RTS) चुन लीजिए। बस हिन्दी में लिखना शुरु, हिन्दी तथा इंग्लिश में स्विच करने के लिए Ctrl+Space दबाइए।
एक सुझाव इसके डेवलपर के लिए है कि फायरफॉक्स के स्टेटस बार में इसका जो आइकॉन है, उसके साथ जो टैक्स्ट लिखा आता है Default Input/हिन्दी – RTS वह काफी स्थान घेरता है। उसे या तो वैकल्पिक किया जाना चाहिए या उसकी बजाय कोई आइकॉन बनाया जाना चाहिए जो वर्तमान इनपुट लेंग्वेज बताए। (जैसा कि BarahaIME के सिस्टम ट्रे आइकॉन में EN और HI लिखा आता है)
इसके अलावा इसमें हिन्दी का रेमिंगटन कीबोर्ड भी जोड़ दिया जाए तो अतिउत्तम क्योंकि अभी भी बहुत से लोग रेमिंगटन का ही उपयोग करते हैं।
होमपेज (ब्लॉग) : Prasad, संबंधित पोस्ट
विवरण तथा इंस्टालेशन : Indic Input Extension
साइज : 22 KB
Any Key
यह एक्सटेंशन मैंने इंस्टाल की पर प्रयोग करके नहीं देखी। चूंकि यह मूलतः रशियन तथा अन्य विदेशी भाषाओं के लिए बनाई गई है अतः कम उम्मीद है कि यह उपरोक्त दोनों से बेहतर हो। यह केवल एक भारतीय भाषा हिन्दी (देवनागरी) को सपोर्ट करती है।
इनपुट भाषा बदलने हेतु F2 कुंजी का प्रयोग करें तथा कीबोर्ड हैल्प हेतु Ctrl+Shift+K दबाएं।
होमपेज : http://anykey.mozdev.org/
विवरण तथा इंस्टालेशन : Any Key
साइज : 46 KB
निष्कर्ष: यह एक्सटेंशन विंडोज 98/ME प्रयोगकर्ताओं के लिए तो अत्यंत उपयोगी हैं, बल्कि इन ऑपरेटिंग सिस्टमों हेतु IME के रुप में एकमात्र यही तरीका अब तक मुझे मिला। बाकी उपरोक्त तीनों एक्सटेंशनों में Indic Input Extension सबसे उपयुक्त रही। बाकी यदि इसमें हिन्दी का रेमिंगटन कीबोर्ड भी जोड़ दिया जाए तो सोने पर सुहागा।
रवि जी, हरिराम जी तथा अन्य साथियों से प्रश्न: फोनेटिक (WX) कीबोर्ड के बारे में कुछ बता सकते हैं? RTS तथा WX की फुल फॉर्म क्या है?
चित्र आभार: मोजिला.ऑर्ग, चित्रों को बड़ा तथा सपष्ट देखने के लिए उन पर मिडल क्लिक करें।
Tags: फायरफॉक्स
श्रीश, बहुत अच्छी खबर बतायी तुमने। इसको साईड के बार में भी लिंक देकर डाल दो। ट्राई करके ज्यादा डिटेल में और पता चल जायेगा।
बुकमार्क कर लिये हैं, जब फायर फॉक्स इस्तेमाल करेंगे तब काम आयेगा. अभी तो आई ई से काम चल रहा है.
बहुत अच्छा लिखे हो डिटेल में. बधाई दिये देते हैं.
बहुत बढिया ईपण्डित जी. यह् मै फायरफाक्स के Indic IME से ही लिख रहा हू. थोडा बिन्दी-विन्दी लगाने मे दिक्कत है….
पंडित जी का शुक्रिया, जानकारी बढ़ाने के लिए
झकास पंडित जी। बहुत अच्छे। एक अच्छे लेख के लिए साधुवाद स्वीकारें।
इतिहास अपने आप को दोहराता है। आज मै कह सकता हूँ, ज्ञान बाँटने का जो महान कार्य अतीत में अनुनाद जी और रमण कौल जी किया करते थे, वो आज श्रीश भाई अंजाम दे रहे है। आज श्रीश भी उनके समकक्ष खड़े दिख रहे है। सच है, यह ज्ञान यज्ञ चलता रहेगा, और भी बहुत सारे श्रीश जैसे साथियों की आवश्यक्ता पड़ेगी।
श्रीश भाई, इस जानकारी को सर्वज्ञ पर भी सहेजिए।
खड़ा तिरंगा आ गया ! धन्यवाद ।
बहुत बढ़िया, जानकारी पूर्ण आलेख
वाह श्रीश जी,
अच्छा ज्ञान दिया आपने। हिन्दी के सम्बन्ध मे शोध होना चाहिये।
@Tarun,
तरुण भाई धन्यवाद, “हिन्दी-टाइपिंग” नाम से एक अलग विजेट बनाकर उसमें सारे ऐसे लिंक डाल देता हूँ।
@UdanTashtari,
समीर जी, फायरफॉक्स काहे नहीं आजमाते। बहुत काम की चीज है, एक बार लत लग गई तो छूटेगी नहीं।
@ज्ञानदत्त पाण्डेय,
ज्ञानदत्त जी कीमैप का लिंक ऊपर दिया है। उससे मदद मिल जाएगी।
@Sanjeet Tripathi,
संजीत जी धन्यवाद!
@Jitendra Chaudhary,
जीतू भैया आपकी टिप्पणी ने सारी मेहनत वसूल करवा दी। इसलिए नहीं कि आपने मेरे बारे में अच्छा कहा बल्कि इसलिए कि आपने विश्वास दिलाया कि मैं यह सब व्यर्थ ही नहीं कर रहा।
यह आपकी उदारता है कि मुझे अनुनाद भाई और रमण कौल जी के समकक्ष देख रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह कार्य तब किया जब इस विषय में जानकारी बिल्कुल न्यून थी। अब तो फिर भी बहुत जानकारी मिल जाती है। बस वो व्यवस्थित रुप से नहीं होती और मैं यही काम करता हूँ।
इस बारे में सर्वज्ञ पर भी जल्द ही लिखूँगा।
@Aflatoon,
तिरंगा आ गया न, बस Ctrl+Space दबाइए और हिन्दी में लिखना शुरु कीजिए।
@Raviratlami,
रवि जी धन्यवाद! हिन्दी कंप्यूटिंग संबंधी लेखों में आपकी टिप्पणी हमेशा उत्साह बढ़ाने वाली होती है।
@Mahashakti,
कोशिश तो कुछ ऐसी ही चल रही है प्रमेन्द्र भाई। लेकिन मेरे अकेले से नहीं होगा, आप भी योगदान दें, सर्वज्ञ के जरिए।
Great article. I have installed the Indic IME extension.
Answer to your questions:
WX is a roman transliteration
scheme in which t, d are used to transcribe retroflexes (ट ड) and w,
x to denote dental stops (त, द).
If T and D are used for voiceless and voiced retroflex stops and t
and d for dentals, it is called TD-notation.
WX is more popular because it has minimum number of successive strokes for the same character, and same letter is never used again to
represent another one even as a component stroke.
जिस ढ़ंग से यह जानकारी दी है, बधाई स्वीकारें!
sorry; forgot about RTS.
RTS = Rice University’s Reverse Transliteration System or, Rice Transliteration System; very popular because of its flexibility; originally for telugu; some students of Rice University created it
वाह पंडित जी,
हमेशा की तरह ही बहुत उम्दा लेख…
ऐसे ही तो हम अज्ञानी लोग सीखे हैं.. यदि आप जैसे लोग ना हों तो जाने कहाँ-कहाँ की खाक छानना पडे और फ़िर भी मतलब की बात ना मिले… वाकई आपका अभ्यास विस्तृत और विचारपूर्ण होता है… बधाई स्वीकार करें…
बढ़िया आलेख। आज नहीं तो कल काम जरूर आएगा।
बहुत ही बढिया जुगाड खोज के लाये हो , Shrish, वैसे इसका की बोर्ड् मिल् जाता तो तुम्हारा नाम् अंग्रेजी मे न् लिखना पडता. परिचर्चा मे इसके बारे मे भी एक् थ्रेड् चलाओ.
आपने अच्छी जानकारी देने का प्रयास किया है, किन्तु
चाहे कोई भी Input Method अपना लो, कम्प्यूटर बेचारा तो सिर्फ दो ही आँक समझता है, 0 या 1, हाँ या ना।
बेहतर होगा कि हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं के लिए speech to text प्रणाली विकसित की जाए। की-बोर्ड ही कम्प्यूटर से निकाल फेंका जाए।
I SALUTE AND WELCOME YOUR GOOD AND SOCIAL SWRVICE WORK BY BLOG.I THINK WHY ALL ARE NOT FOLLOW YOU AND YOUR WORK.
THANKING YOU
YOUR JAI KUMAR JHA
उपरोक्त जानकारी हिंदी भाषा मैं कंप्यूटर से जुड़ने की इचछा रखने वाले सभी व्यक्तियों के लिए अत्यंत उपयोगी है. मेरा धन्यवाद स्वीकार करें.