चुटकुला – सेठ जी का आखिरी वक
एक सेठ मर रहा था।
‘बेटा रतनी, तू कहाँ है’
आपके पास ही हूँ बाबू जी।
‘और तेरी माँ’
यह बैठी है आपके बांई तरफ।
‘और मेरा चाँदी चन्द’
आपके पैर दबा रहा है।
‘और लक्खू’
दुकान से आदमी बुलाने गया है, लो वह भी आ गया।
‘दमड़ी लाल’
वह रहा दांई ओर।
‘उधार मल’
सिर दबा रहा है।
‘सब आ गये’। सेठ जी ने बैचेनी से पूछा।
हाँ जी।
‘तो दुकान कौन संभाल रहा है, इस तरह तो तुम लोग मेरा दीवाला ही निकाल दोगे’।





















