रोमनागरी (रोमन टैक्स्ट) को देवनागरी (यूनिकोड हिन्दी) में बदलना
रोमनागरी को यूनिनागरी में कैसे बदलें
पहले यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता था कि मेरे पास कुछ टैक्स्ट रोमन हिन्दी (जिसे मैं रोमनागरी कहता हूँ) में है, मै उसे यूनिकोड हिन्दी (जिसे मैं तुकबन्दी मिलाने के लिये यूनिनागरी कह देता हूँ) में कैसे बदला जाय। उस समय इस कार्य के लिये सीमित टूल उपलब्ध थे लेकिन अब कई सेवायें उपलब्ध हैं। कुछ समूहों पर यह प्रश्न अब भी पूछा जाता देखकर यह पोस्ट लिख रहा हूँ। इन औजारों द्वारा लिप्यन्तरण के बाद आपको कुछ सम्पादन करना पड़ सकता है क्योंकि कुछ शब्द सही रुप से लिप्यन्तिरत नहीं होते।
टैक्स्ट लिप्यन्तरण हेतु दो सबसे पुराने औजार हाइट्राँस तथा गिरगिट हैं। वेबपेज लिप्यन्तरम हेतु सबसे पहले भोमियो नाम से एक सेवा पीयूष भट्ट जी द्वारा शुरु की गयी थी जो काफी लोकप्रिय हुयी लेकिन बाद में अज्ञात कारणों से वह बन्द हो गयी। भोमियो से ही प्रेरित होकर चिट्ठाजगत.इन ने गिरगिट नामक वेबपेज लिप्यन्तरण सेवा शुरु की। कुछ समय बाद ब्लॉगवाणी भी इण्डीनेटर लेकर आया। सन २००९ में गूगल ने अपनी गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर नामक सेवा आरम्भ की।
हाइट्राँस
विनय जैन द्वारा विकसित HiTrans नामक यह टूल आइट्राँस स्कीम में लिखे रोमन टैक्स्ट को देवनागरी में बदलता है। पुराने समय में नेट पर बहुत सी हिन्दी सामग्री रोमन में आइट्राँस स्कीम में थी। उसे यूनिकोड हिन्दी में बदलने हेतु यह टूल बहुत उपयोगी था। वर्तमान में नेट पर अधिकतर हिन्दी सामग्री यूनिकोड में आ चुकी है।
गिरगिट
आलोक कुमार एवं विपुल जैन द्वारा विकसित यह लिपि परिवर्तक औजार लम्बे समय से उपलब्ध है तथा अपने समय का यह सर्वश्रेष्ठ औजार था। यह रोमन से हिन्दी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में लिप्यन्तरण कर सकता है। इसका देवनागरी.नेट पर पुराना संस्करण सिर्फ टैक्स्ट को बदलता था जबकि चिट्ठाजगत.इन पर नया संस्करण वेबपेज को भी लिप्यन्तरित कर सकता है। गिरगिट फायरफॉक्स ऍक्सटेंशन के रुप में भी उपलब्ध है।
इण्डीनेटर
चिट्ठाजगत.इन के गिरगिट की तर्ज पर कुछ समय बाद ब्लॉगवाणी ने भी इण्डीनेटर नाम से वेबपेज के लिप्यन्तरण का औजार निकाला। यह भी वेबपेजों को रोमन टैक्स्ट से हिन्दी आदि विभिन्न भारतीय भाषाओं के मध्य लिप्यन्तरित कर सकता है।
गूगल लिपि परिवर्तक
गूगल द्वारा नवम्बर २००९ में आरम्भ गूगल लिपि परिवर्तक एक शब्दकोश आधारित लिप्यन्तरण सेवा है जिस कारण यह बेहतर परिणाम देती है। चूंकि अधिकतर मामलो में रोमन टैक्स्ट बिना किसी स्कीम के लिखा होता है (जिसे रोमनागरी कहा जा सकता है) इसलिये गूगल का औजार उसके शब्दों को अपनी अन्तर्निमित डिक्शनरी से मिलाकर सर्वश्रेष्ठ उपयुक्त शब्द से लिप्यन्तरित करता है। यह सेवा टैक्स्ट अथवा वेबपेज दोनों को लिप्यन्तरित कर सकती है।
निष्कर्ष
रोमन में लिखी अधिकतर सामग्री बिना किसी विशिष्ट लिप्यन्तरण स्कीम के लिखी गयी होती है जैसे हम को hum या ham कुछ भी लिखा हो सकता है। इसलिये इसे यूनिनागरी (देवनागरी – यूनिकोड हिन्दी) में बदलने के लिये शब्दकोश आधारित लिप्यन्तरण सेवा बेहतर परिणाम देती है। वर्तमान में गूगल लिपि परिवर्तक इस काम के लिये सर्वाधिक उपयुक्त औजार है।
बाहरी कड़ियाँ






















अच्छी जानकारी प्रदान की है | अज्ञात वास के बाद आपकी यह नयी पोस्ट देख कर खुशी हुयी |
मैने चिठ्ठाजगत वाली खिड़की लगा रखी है, हिन्दी वाले ब्लॉग पर लिप्यान्तरण के लिये। क्या गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर की खिड़की बन सकती है वैसी। अर्थात क्लिक करने पर ब्लॉग का ले-आउट वही रहे, लिपि बदल जाये?
बराहा में भी इस प्रकार के लिप्यन्तरण की सुविधा है।
@नरेश सिंह राठोड़,
धन्यवाद!
@ज्ञान दत्त पाण्डेय,
हाँ जी, गूगल लिपि परिवर्तक के प्रयोग हेतु भी ऐसी खिड़की बनाई जा सकती है। अपने चिट्ठे को रोमन में देखने के लिये यहाँ क्लिक करें।
@शशांक,
हाँ, गूगल वाले औजार के आने से पहले मैंने कई बार बरह का इस काम के लिये प्रयोग किया है। पर अब गूगल का औजार यह काम बेहतर तरीके से करता है।
बहुत अच्छी जानकारी, श्रीश। धन्यवाद।
एक टूल ऐसा भी होना चाहिए जो देवनागरी को रोमनागरी में बदले। इस को वे लोग प्रयोग कर सकते हैं जो हिन्दी बोलते-समझते हैं, पर पढ़ नहीं पाते। ऐसे लोगों की कमी नहीं है — विदेश में पले भारतीय बच्चे, उर्दू-भाषी, या भारत में अन्य अहिन्दी-भाषी क्षेत्रों के लोग। इन में से कई लोग हिन्दी समझ सकते हैं पर पढ़ नहीं सकते। यदि ये लोग किसी ईमेल या वेब पन्ने के एक भाग को रोमनागरी में परिवर्तित करना चाहें तो ऐसा टूल इनके लिए कारगर सिद्ध होगा। इस विषय में कुछ समय पहले आलोक से भी बात हुई थी, आशा है उन्हें समय मिलेगा।
आपने यूनिकोड देवनागरी के लिए “यूनिनागरी” शब्द का प्रयोग किया है — मुझे इससे हल्की सी आपत्ति है। मैं ने इसके अधिकार तो सुरक्षित नहीं किए पर पाँच वर्ष पहले जब बहुत कम टाइपराइटर उपलब्ध थे, तो मैंने अपने ऑनलाइन टाइपराइटर का नाम यूनिनागरी रखा था।
@Raman Kaul,
रमण जी, गूगल लिपि परिवर्तक देवनागरी को रोमनागरी में भी परिवर्तित कर सकता है। बक्से में हिन्दी में लिखकर नीचे English का विकल्प लें। आपके उपरोक्त विचारों से सहमत हूँ, कुछ ऐसे ही विचार मैंने इस लेख में प्रकट किये थे।
“यूनिनागरी” शब्द निसंदेह आपकी ही देन है और यह मुझे काफी पसन्द है। मैंने तो इसे बस भिन्न अर्थ में “रीकॉइन” (प्रोग्रामिंग भाषा में कहें तो “ओवरलो़ड”) किया है।
एक बढ़िया ऑप्शन क्वैलपैड (www.quillpad.in) का भी है। मैं अक्सर अपने प्रीजेंटेशन में इसका जिक्र करता हूँ। quillpad खोलें, उसके हिन्दी एडिटर पर जायें और रोमनागरी पाठ को पेस्ट करें, कुल मिनटों के बाद आपका सारा टेक्सट देवनगारी में बदल जायेगा।
@शैलेश भारतवासी,
हाँ शैलेश जी मैं क्विलपैड का जिक्र करना भूल गया। वास्तव में पहला शब्दकोश आधारित लिप्यन्तरण औजार बनाने का श्रेय क्विलपैड को जाता है। बस गूगल वाला बेहतर था तथा उसके पीछे गूगल का हाथ होने का कारण उसे ज्यादा प्रचार मिला।
बहुत दिनों बाद कक्षा लगाई।
बिखरी जानकारियों को एक जगह देकर आपने बहुत अच्छा किया है।