नोकिया ५८०० – एक अदद टचस्क्रीन स्मार्टफोन की तलाश
काफी समय से एक टचस्क्रीन स्मार्टफोन लेने की इच्छा थी जिस पर कि मोबाइल इण्टरनेट का मजा लिया जा सके। अपने सामान्य टी-९ कीपैड वाले मोबाइल पर सर्फिंग में छोटी स्क्रीन के अलावा मुख्य दिक्कत आती थी कि वेबपेजों पर नेवीगेशन के लिये (कोई लिंक आदि क्लिक करने के लिये) बहुत ही स्क्रॉलिंग करनी पड़ती थी। इसके अलावा लम्बे समय से चम्पू फोन (मित्र अमित गुप्ता के शब्दों में नॉन-स्मार्टफोन को चम्पू फोन कहते हैं) को रिटायर कर स्मार्टफोन लेने का प्लान था जो कि निन्यानवे के फेर में बहुत समय से टल रहा था। पहले विण्डोज़ मोबाइल ७ की रिलीज का इंतजार था पर बाद में एक तो इसकी रिलीज लम्बी टल गई दूसरे माइक्रोसॉफ्ट इसमें कुछ ऐसी कमियाँ (कॉपी-पेस्ट, मल्टीटास्किंग की सुविधा न होना आदि) बना रहा है कि रुचि ही खत्म हो गयी। दूसरी तरफ नोकिया के स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम सिम्बियन के नये संस्करण सिम्बियन^३ पर भी काम चल रहा है और उसकी रिलीज भी अभी दूर है। बाकी कम्पनियों के टचस्क्रीन फोनों में हिन्दी का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं होता इसलिये उन पर विचार करने का सवाल ही न था।
तो अब मेरे सामने दो ही विकल्प थे या तो कोई नोकिया सिम्बियन (ऍस ६०) युक्त सैट लिया जाय या ऍचटीसी का विण्डोज मोबाइल ६.५ युक्त कोई सैट। नोकिया के मध्यम स्तरीय कीमत के ऐसे तीन सैट हैं –
नोकिया ५८०० ऍक्सप्रैस म्यूजिक (कीमत लगभग १३,५०० रुपये) – ३जी, वाइ-फाइ, जीपीऍस, ३ ऍमपी कैमरा, ८जीबी मेमोरी कार्ड युक्त
नोकिया ५२३० (कीमत लगभग ८२०० रुपये) – ३जी, जीपीऍस, २ ऍमपी कैमरा
नोकिया ५२३३ (कीमत लगभग ७३०० रुपये) – २ ऍमपी कैमरा
तीनों की सांझी बातें – ३.२ इंच रजिस्टिव टच स्क्रीन, १६ मिलियन कलर्स, सिम्बियन सीरीज ६० वर्ज़न ५
नोकिया ५२३३ तो सीधे तौर पर बाहर हो जाता था, नोकिया ५२३० से काम चल सकता था बस वाइ-फाइ की कमी न होती तो, मैं चाहता था कि अपने बीऍसऍनऍल ब्रॉडबैण्ड को भी वाइ-फाइ के जरिये मोबाइल पर प्रयोग कर सकूँ। यद्यपि ५८०० में और भी कई खूबियाँ हैं पर मुख्यतः वाइ-फाइ के कारण ही मुझे कोई ५००० रुपये अधिक खर्च करने पड़े।
हिन्दी समर्थन
उपरोक्त ही तीनों फोनों में हिन्दी समर्थन आंशिक है अर्थात हिन्दी दिखती तो है लेकिन बिखरी हुयी, टूटी-फूटी। लेकिन ऑपेरा मोबाइल (ऑपेरा मिनी नहीं) में हिन्दी लगभग सही दिखायी देती है जिससे हम कम से कम ट्विटर, चिट्ठे, हिन्दी साइटें आदि पढ़ने का शौक पूरा कर सकते हैं। हिन्दी लिखने के लिये फोन में व्यवस्था नहीं है, मैंने विभिन्न ऑनलाइन टाइपिंग टूल आजमाये जिनमें गूगल इण्डिक ट्राँसलिट्रेशन, यूनिनागरी आदि शामिल हैं पर कोई फोन पर काम नहीं करता। एकमात्र टूल जिससे मैं हिन्दी लिखने में सफल हुआ वो गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर है लेकिन उसके जरिये हिन्दी लिखना बहुत ही दुखदायी प्रक्रिया है। इस दिशा में एक जुगाड़ पर काम कर रहा हूँ उम्मीद है उससे हिन्दी लिखना सम्भव हो सकेगा।
अब कीमत के लिहाज से नोकिया ५८०० का एक ही मुख्य प्रतिद्वंदी था –
इस फोन की नोकिया की तुलना में खूबियाँ हैं –
कमिय़ाँ – छोटी स्क्रीन (२.८ इंच), ऍक्सलरोमीटर नहीं (यानि स्क्रीन स्वतः घूम नहीं सकती, वेबपेज हॉरिजॉण्टली नहीं पढ़ सकते), लो रिजॉल्यूशन (१६ मिलियन के मुकाबले केवल ६५००० कलर्स), फ्रंट कैमरा नहीं (वीडियो कॉल नहीं कर सकते)
और सब से बड़ी कमी – यह विण्डोज़ मोबाइल ६.५ पर है जिस पर हिन्दी समर्थन का जुगाड़ आयरॉन्स हिन्दी सपोर्ट चलता नहीं यानि फिलहाल इसमें हिन्दी लिखना तो दूर पढ़ भी नहीं सकते (टूटी-फूटी भी नहीं) नोकिया ५८०० पर कम से कम पढ़ तो सकता हूँ।
यद्यपि स्काइफायर के द्वारा हिन्दी साइटें देखी जा सकें पर वह ब्राउजर न तो इतना बेहतर है और साथ ही वह अपने सर्वर से कनैक्ट होकर साइटें दिखाता है जिस वजह से धीमा चलता है।
ऍचटीसी की नोकिया की तुलना में खूबी – इसमें पॉकेट ऑफिस होना जिससे वर्ड, पावरप्वाइंट, ऍक्सल तथा पीडीऍफ फाइलें देख सकते हैं। नोकिया में इसके लिये मुफ्त सॉफ्टवेयर नहीं है। इसके अलावा सिम्बियन की तुलना में विण्डोज़ मोबाइल हेतु विभिन्न कामों के लिये मुफ्त ऍप्लीकेशन्स ज्यादा हैं। ऍचटीसी के बाकी फोन फिलहाल अपने बजट में नहीं आते, ऍचडी २ काफी महंगा है (लगभग ३६,००० रुपये), ऍचडी मिनी कोई २५,००० रुपये का होगा पर अभी भारत में उपलब्ध नहीं। मित्र अमित गुप्ता तथा नीरज दीवान ने ऍचडी २ लिया है।
कहने का मतलब ये कि ऑपरेटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म (विण्डोज मोबाइल) के तौर पर तो ऍचटीसी टच २ बेहतर है लेकिन हार्डवेयर फीचर्स के तौर पर नोकिया ५८००
तो उपरोक्त कारणों से मैंने चुना नोकिया ५८०० को। यद्यपि मैं इस फोन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूँ लेकिन उपयुक्त सैट मिलने तक काम चल जायेगा। यदि आप बहुत ही हाइ-टैक नहीं हैं तथा आपका काम वाइ-फाइ बिना चल सकता है तो नोकिया ५२३० वाजिब कीमत में बेहतरीन टचस्क्रीन स्मार्टफोन है।
14 टिप्पणियाँ
ट्रैकबैक
- नोकिया ५८०० ऍक्सप्रैस म्यूज़िक – टचस्क्रीन स्मार्टफोन के साथ मेरा अनुभव | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blo
- नोकिया ५८०० ऍक्सप्रैस म्यूज़िक – टचस्क्रीन स्मार्टफोन के साथ मेरा अनुभव | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blo
- टचनागरी – बिना हिन्दी इनपुट वाले टचस्क्रीन फोन पर हिन्दी लिखने हेतु कीबोर्ड | ई-पण्डित / ePandit – Hindi






















श्रीमान बधाई !
नए सुपर चम्पू फ़ोन की !
आशा है हिन्दी लिखने का आपकी जारी जुगाड़ कोशिश परवान चढेगी ?
आपके पीछे पीछे हम भी अपने चम्पू फ़ोन को सुपर चम्पू बनाने के काम में लगे है |
(का करें बजट का भी तो सवाल है ?)
क्या E 63 पर ये सब हो सकता है, और पाणिनी की पैड उपयोगी हो सकता है ? हिन्दी लिखने के लिये, मार्गदर्शन की प्रतीक्षा में..
अपुन ने इसी हिंदी के चलते blakberry का मोह छोड़ दिया था क्योंकि उसके किसी भी फ़ोन में हिंदी नहीं पढ़ सकते हैं. मैंने काफी सर्वे करके नोकिया 5800 लिया जिसमें opera mobile का app. download करके बिलकुल बढ़िया हिंदी पढ़ सकते हैं. इसमें hang होने की प्रॉब्लम ज़्यादा आती है,टच स्क्रीन भी ठीक काम नहीं करता. हाँ ,नोकिया म्यूजिक store से ज़रूर अच्छी गज़लें मुफ्त में मिल गयी हैं. पर,वाकई में ‘हिंदी-प्रेम’ की वज़ह से मैं ‘शहीद’ हो गया हूँ.
भाया ऐसा है कि हिन्दी तो तुम अपने नोकिआ पर भी नहीं पढ़ सकते, टूटी फूटी कोई नहीं पढ़ी जाती बल्कि उसको देख और अधिक मन खराब होता है, न हो तो कम से कम संतोष किया जा सकता है कि है ही नहीं। हिन्दी पढ़ने के लिए तुमको भी अलग ब्राऊज़र दरकार होता है, यानि ऑपरा मोबाइल।
टैब वाले फीचर को छोड़ दो तो स्काईफायर ठीक ठाक ब्राउज़र है, हिन्दी आराम से पढ़ी जा सकती है। और यदि गति की बात है तो यह पेज को ऑपरा मोबाइल से अधिक तेज़ी से लोड करता है क्योंकि पेज की रेन्डरिंग मोबाइल के सीमित हार्डवेयर पर नहीं होती वरन् स्काईफायर के सर्वर पर होती है। तो गति के मामले में ऑपरा मोबाइल इससे आगे नहीं है, हाँ ऑपरा मिनी अवश्य इससे थोड़ा तेज़ है।
जहाँ तक लैंडस्केप मोड में पढ़ने का है तो मैं इस पर यही कहूँगा कि यह निजी पसंद का मामला है। मेरे फोन की स्क्रीन तुम्हारे से काफ़ी बड़ी है फिर भी मैं लैंडस्केप में नहीं पढ़ता, पोर्ट्रेट मोड में ही अधिक सुविधा लगती है क्योंकि एक हाथ से ही काम हो जाता है।
मैंने ६ महीने पहले नोकिया ५८०० खरीदा आपकी बताई सारे खूबियों का भरपूर इस्तेमाल किया
फिर जब दूकान में नेट यूज करने की बात आयी तो ५२३३ लिया की कही ५८०० खो ना जाए
अब मुझे ५८०० से ज्यादा ५२३३ पसंद है
५८०० बहुत हीट हो रहा था ईयर फोन भी खराब हो गया बैटरी भी एक तरफ से उखड रही थी दोनों को नोकिया केयर से बदलवाने को भेजा है
तब तक के लिए लोकल बैटरी ली है
अब सेट हैंग हो रहा है
५२३३ में अभी तक कोई दिक्कत नहीं आ रहे और बढ़िया काम कर रहा है अभी भी नेट यूज कर रहे हैं
पाड़ीनी हिंदी डाला है मगर अभी यूज नहीं किया
ओपेरा १० हिंदी समर्थित को डाल रखा है बहुत बढ़िया काम करता है
हिंदी की पैड के लिए खोज जारी है
अब तक ३०० साफ्टवेयर को ट्राई कर चुके है मगर यूज कर के डिलीट कर देते है
केवल कुछ सोफ्टवेयर बहुत काम के लगे वही यूज कर रहे हैं
जैसे ओपेरा ब्राउजर १० (जबरदस्त )
“फ्रिंग” बहुत खोजने पर मिला (हमें मोबाइल चैटिंग की सुविधा देता है ) और कमाल का सोफ्टवेयर है
कई सुविधा मिलाती है जैसे जी मेल, याहू मेल, ट्विटर और भी बहुत कुछ
ई मेल भी लोड है
अब क्या क्या कहें
बस ५८०० से ५२३३ ज्यादा पसंद आया
आपको ५८०० की हार्दिक बधाई
@प्रवीण त्रिवेदी,
धन्यवाद! वैसे आपके पास कौन सा फोन है इस वक्त?
@विवेक रस्तोगी,
ई६३ सिम्बियन S60 v3 प्लेटफॉर्म पर आधारित है जिसमें हिन्दी प्रदर्शन बिलकुल सही है। कोई अनुभवी जावा प्रोग्रामर इसके लिये हिन्दी इनपुट का जुगाड़ बना सकता है। रही बात पाणिनी की तो वो मुझे कुछ जमा नहीं, साथ ही मेरे ख्याल से तो वो सिर्फ हिन्दी ऍसऍमऍस ही भेज सकता है।
@संतोष त्रिवेदी,
आपकी कहानी हमारे जैसी ही है, हैंग होने की समस्या यदा-कदा आ जाती है। बाकी रही बात टचस्क्रीन के ठीक से काम न करने की तो रजिस्टिव स्क्रीन के कारण आपको ऐसा लगता होगा, रजिस्टिव स्क्रीन स्टायलस के साथ बेहतर काम करती है।
@amit,
दरअसल फोन पर मुख्यतः हिन्दी पढ़ने का काम वेब से सम्बंधित ही होता है जो कि ऑपेरा मोबाइल के जरिये सही चल ही जाता है इसलिये काम सही चल जाता है। बाकी स्काइफायर कई बार सर्वर से कनैक्ट ही नहीं होता और मेरे मामले में तो ऑपेरा मोबाइल से धीमा ही चलता है, शायद इसकी गति कनैक्शन पर निर्भर करती हो।
हाँ पोर्ट्रेट, लैण्डस्केप पसन्द का मामला हो सकता है। अधिकतर तो मैं भी पोर्ट्रेट ही पढ़ता हूँ लेकिन कुछ साइटें लैण्डस्केप में बेहतर दिखती हैं, इसके अलावा लैण्डस्केप मोड में फुल क्वर्टी कीबोर्ड से दोनों हाथों से टैक्स्ट इनपुट में आसानी रहती है।
@वीनस,
५२३३ में ३जी, वाइ-फाइ और जीपीऍस नहीं है बाकी प्लेटफॉर्म तो ५८०० जैसा ही है। ५८०० के हैंग और हीट होने सम्बंधी शिकायत कुछ अन्य दोस्तों से भी सुनी है, कभी-कभार हमारा सैट भी हैंग हो जाता है। बाकी सिम्बियन प्लेटफॉर्म होने के कारण सोशल नेटवर्किंग ऍप्लीकेशन्स की इन दोनों ही फोनों के लिये कोई कमी नहीं है।
@e-pandit
मै इस समय सोनी इरिक्सन के वाकमैन सीरीज के W810i का प्रयोग कर रहा हूँ |
@प्रवीण त्रिवेदी,
तब तो आपके पास अच्छा फोन है। हिन्दी समर्थन की क्या स्थिति है इस पर?
हमें तो नये फोन की जल्दी यूँ थी कि पुराने नोकिया ६०७० पर ऑपेरा मिनी में कई वेबपेज खुलते ही न थे, ब्लॉगर के नये ऍम्बैडिड कमेण्ट फॉर्म में हम टिप्पणी न कर पाते थे, कई साइटों जैसे ट्विटर मोबाइल की साइट पर लॉगइन न हो पाता था, इसी तरह की कई दिक्कतें आती थी। आपके पास अच्छी तरह सोच-विचार कर नया फोन लेने का समय है।
यहॉं तो मामला ज्यादा ही हाई फाई हो रहा है… हमें इंटरनेट फोन की जरूरत पड़ी तो टचस्क्रीन के लोभ का संवरण कर 3जी में सैमसंग एल 700 लिया हिंदी पढ़ लेते हैं (वही टूटी फूटी) लिख नही पाते।
पर अभी यात्रा में साथ गए मित्र के पास नोकिया एन97 था… गजब काम कर रहा था…इंटरनेट से लेकर रास्तों के नेवीगेशन तक…घनघोर अनजान जगह तक पर सुरीली आवाज में कह देता था टेक लेफ्ट टन्र आफ्टर 270 मीटर्स। इंटरनेट का गति भी बढि़या… वो तो हम बेशर्म किस्म के दोस्त हैं वरना कुंठिया जाते
@मसिजीवी,
मसिजीवी जी नेवीगेशन सुविधा तो हमारे ५८०० में भी है पर बोल कर बताने वाला फण्डा तो कमाल है, हमारे में तो है नहीं ये।
श्रीश, नोकिआ ने अपने मैप अब फ्री कर दिए हैं, यहाँ देखो। तो तुम भी इनको अपने फोन पर इंस्टॉल कर सकते हो, भारत का मैप डाऊनलोड कर लो और टर्न बाई टर्न दिशानिर्देशों का आनंद ले सकते हो।