नोकिया ५८०० ऍक्सप्रैस म्यूज़िक – टचस्क्रीन स्मार्टफोन के साथ मेरा अनुभव
जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था कि मुझे एक टचस्क्रीन स्मार्टफोन चाहिये था जिस पर कम से कम मैं हिन्दी साइटें पढ़
सकूँ, काफी सोच-विचार के बाद नोकिया ५८०० लिया। इस लेख में नोकिया ५८०० के बारे में अपना अनुभव लिख रहा हूँ।
पहले बात करते हैं फोन की मुख्य फीचर्स की-
- ३.२ इंच रजिस्टिव टच स्क्रीन १६ मिलियन कलर्स के साथ
- ऍक्सलरोमीटर (स्क्रीन स्वतः घूमने हेतु सैन्सर)
- ३.२ ऍमपी कैमरा, ३x जूम तथा फ्लैश के साथ
- ऊधर्वाकार में टी-९, मिनी क्वर्टी तथा क्षैतिज में फुल क्वर्टी टच कीबोर्ड
- वीडियो कॉलिंग हेतु फ्रंट कैमरा जिसे कि ३जी प्रयोग किये बिना भी कुछ अन्य ऍप्लीकेशन्स की मदद से वीडियो कॉलिंग हेतु प्रयोग किया जा सकता है।
- वॉइस कमाण्ड्स
- ८१ ऍमबी आन्तरिक मेमोरी + ८ जीबी मेमोरी कार्ड संलग्न जिसे १६ जीबी तक बढ़ा सकते हैं।
- कनैक्टिविटी – ३जी, वाइ-फाइ, ब्ल्यूटुथ, यूऍसबी पोर्ट
- ऑडियो-वीडियो प्लेबैक – mp3, wma तथा अन्य ऑडियो फॉर्मेट, रियल प्लेयर है जो कि 3gp, mp4, फ्लैश वीडियो (flv) तथा यट्यूब से वीडियो चला सकता है।
- म्यूज़िक मैनेजर, वीडियो सैण्टर तथा पॉडकास्टिंग समर्थन
- ३.५ ऍमऍम ऑडियो-वीडियो कनैक्टर पोर्ट
- इण्टरनेट हेतु क्लास ३२ जीपीआरऍस/ऍज्ज, ३जी
- ६ व्यक्तियों के साथ कॉन्फ्रैंस कॉल सम्भव
- नोकिया मैप्स
- ऑपरेटिंग सिस्टम – S60 5th ऍडीशन सिम्बियन ओऍस 9.4
- ऍप्लीकेशन्स – फ्लैश लाइट, रियल प्लेयर, म्यूज़िक स्टोर, नोकिया मैप्स तथा जावा समर्थन। नोकिया ओवीआइ स्टोर के द्वारा आप अन्य मुफ्त ऍप्लीकेशन भी इंस्टाल कर सकते हैं।
- फोन के साथ ऍक्सैसरीज जो मिलती हैं – डेटा केबल, हैण्ड्स फ्री, ८ जीबी कार्ड तथा एक मुफ्त हैडसैट। फोन के सस्ता होने के बाद नोकिया ने इसके साथ दी जाने वाली डेटा केबल बहुत छोटी कर दी है, पहले वाली अच्छी हैण्ड्स फ्री की बजाय हल्की सी वाली देनी शुरु कर दी है, वीडियो वाली केबल देनी बन्द कर दी है तथा फोन का कवर देना बन्द कर दिया है।
मल्टीमीडिया
फोन की मल्टीमीडिया खूबियाँ अच्छी हैं, अधिकतर ऑडियो-वीडियो फॉर्मेट चला लेता है। इयरफोन के जरिये आवाज अच्छी है, लम्बे समय तक ऑडियो चलाना हो तो बैटरी बैकअप बचाने के लिये इसी के जरिये सुनना बेहतर है। बड़ी तथा हाइ रिजॉल्यूशन स्क्रीन पर वीडियो क्षैतिज मोड मे अच्छा चलता है। फोन का डिफॉल्ट वीडियो प्लेयर रियल प्लेयर है जो कि 3gp, mp4 तथा flv वीडियो चला लेता है। इसके अलावा स्मार्टमूवी प्लेयर इंस्टाल करके avi फाइलों को भी चलाया जा सकता है। वीडियो को स्लाइडर के जरिये आसानी से आगे-पीछे किया जा सकता है। फोन का इमेंज व्यूअर भी अच्छा है, एक बेसिक फोटो ऍडीटर भी फोन में है। इसके अलावा नोकिया ओवीआइ स्टोर से नोकिया फोटो ब्राउजर नामक सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया जा सकता है।
फोन का वॉइस रिकॉर्डर साफ आवाज रिकॉर्ड करता है। कैमरा पर्याप्त रोशनी में अच्छी तस्वीरें लेता है लेकिन रात के समय अथवा कम रोशनी में नाइट मोड ऑन करने के बावजूद साफ तस्वीर नहीं आ पाती। यही बात वीडियो रिकॉर्डर के साथ भी है, साफ रोशनी में ठीक-ठाक रिकॉर्ड होता है।
कुल मिलाकर यह एक अच्छा मल्टीमीडिया फोन है।
इण्टरनेट
फोन इण्टरनेट सर्फिंग के लिहाज से काफी अच्छा है। फोन के टचस्क्रीन होने से वेबपेजों पर नेवीगेशन में बहुत आसानी रहती है तथा बेवजह स्क्रॉलिंग नहीं करनी पड़ती। फोन का डिफॉल्ट ब्राउजर तो विशेष नहीं लेकिन फोन में ऑपेरा मिनी तथा ऑपेरा मोबाइल डाला जा सकता है जिनमें सर्फिंग का अनुभव अच्छा है। बड़ी स्क्रीन पर जूम ३०० प्रतिशत तक सैट किया जा सकता है जिससे अक्षर साफ पढ़े जा सकते हैं। साथ ही मोबाइल व्यू ऑन करके बिना क्षैतिज रुप से बिना स्क्रॉल किये पेज पढ़े जा सकते हैं। अधिक चौड़ाई वाले पेजों को लैण्डस्केप मोड में आराम से पढ़ा जा सकता है।
फोन में ऍज्ज अच्छी क्लास का होने से नेट की गति काफी अच्छी आती है। वाइ-फाइ तथा ३जी अभी मैंने प्रयोग करके देखा नहीं, निश्चित ही उनसे गति और बेहतर होगी। मेरे बीऍसऍनऍल के कनैक्शन पर नेट का अनुभव काफी अच्छा है। फोन का डिफॉल्ट ईमेल क्लाइंट अच्छा है तथा एकाधिक ईमेल अकाउंट हैण्डल कर सकता है।
हिन्दी समर्थन
फोन में हिन्दी समर्थन आंशिक है अर्थात हिन्दी दिखती तो है लेकिन सही से नहीं बिखरी हुयी सी दिखती है और अक्षर एक-दूसरे को ओवरलैप भी करते हैं जिस वजह से हिन्दी सही से पढ़ी नहीं जा सकती। हाँ जो ऍप्लीकेशन फोन के स्क्रिप्ट लेआउट इंजन की जगह अपना लेआउट इंजन प्रयोग करती हों उनमें हिन्दी सही दिखती है। उदाहरण के लिये ऑपेरा मोबाइल में हिन्दी लगभग सही दिखती है तथा अडॉबी रीडर ऍलई (मैंने ट्रायल वर्जन आजमाया) में हिन्दी ई-बुक्स (पीडीऍफ फाइलें) सही दिखती हैं।
फोन में हिन्दी लिखने की व्यवस्था नहीं है। मैंने विभिन्न ऑनलाइन जुगाड़ आजमाये पर गूगल स्क्र्पिट कन्वर्टर से ही येनकेन प्रकारेण हिन्दी लिखने में सफल हुआ, जो कि बड़ा कठिन तरीका है। अतः हिन्दी लिखने का फिलहाल कोई सही उपाय नहीं है। फोन में हिन्दी समर्थन बारे जानकारी अलग से एक लेख में लिखूँगा। फिलहाल सार ये है कि फोन में वैब पर तो हिन्दी लिखने-पढ़ने सम्बंधी काम चल जाता है पर विभिन्न टूल्स जैसे ईमेल क्लाइंट, चैट क्लाइंट, ट्विटर क्लाइंट, फेसबुक क्लाइंट आदि में हिन्दी सम्बंधी दिक्कत आती है।
ऑफिस/बिजनेस उपयोग
यह फोन का एक कमजोर बिन्दु है। यद्यपि सिम्बियन आधारित स्मार्टफोन होने के कारण इसके लिये विभिन्न सॉफ्टवेयर तो उपलब्ध हैं पर मुफ्त नहीं हैं। पहले फोन में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस फाइलों को पढ़ने के लिये क्विकऑफिस व्यूअर का डाउनलोड उपलब्ध था, अब नहीं है हालांकि नेट पर वह उपलब्ध है जिसे फोन में डाला जा सकता है। इससे फाइलों को सिर्फ पढ़ा जा सकता है, संशोधित करने के आपको अलग से ओवीआइ स्टोर से क्विकऑफिस ६ मोबाइल स्वीट (१० यूरो) या मोबाइल सिस्टम ऑफिस स्वीट ५ (२० यूरो) नामक टूल खरीदने पढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त फोन में पीडीऍफ रीडर की कमी भी खलती है जो कि इस स्तर के फोन में होना ही चाहिये था। फोन में ई-बुक्स (पीडीऍफ फाइलें) पढ़ने हेतु आपको अडॉबी रीडर ऍलई (१० यूरो) खरीदना होगा। एक अन्य सस्ता पीडीऍफ रीडर भी है पीडीऍफ+ बेसिक (३ यूरो)।
अन्य सभी चीजों के लिये मुफ्त सॉफ्टवेयर भले मिल जायें पर इन दो कामों के लिये कोई मुफ्त टूल फिलहाल नहीं है। ऑफिस फाइलों बिना काम चल भी जाय पर मुफ्त पीडीऍफ रीडर तो इस कीमत के फोन में होना ही चाहिये था। मित्र अमित गुप्ता ने बताया कि नोकिया के पुराने स्मार्टफोन ऍन ७०/७२ आदि में अडॉबी रीडर ऍलई उपलब्ध था। दूसरी ओर इस कीमत के विण्डोज़ मोबाइल वाले फोन में ये सुविधायें नेटिव ऍप्लीकेशन के रुप में होती हैं। इसके अलावा फोन में एक अच्छे टैक्स्ट ऍडीटर की भी कमी महसूस होती है।
सोशल नेटवर्किंग
आजकल हर नये फोन में सोशल नेटवर्किंग का फण्डा खूब प्रचारित किया जा रहा है। नोकिया ५८०० में ओवीआइ स्टोर से कई मुफ्त सोशल नेटवर्किंग क्लाइंट इंस्टाल किये जा सकते हैं जिनमें फेसबुक, ट्विटर तथा अन्य कई साइटों के लिये समर्थन है। इसके अतिरिक्त चैटिंग आदि के लिये भी कई क्लाइंट उपलब्ध हैं जैसे फ्रिंग, ईबड्डी आदि।
चिट्ठाकारी
फोन में ऑपेरा मिनी मोबाइल ब्राउजर की तरह जबकि ऑपेरा मोबाइल ब्राउजर बहुत हद तक डैस्कटॉप ब्राउजर की तरह चलता है। उदाहरण के लिये ऑपेरा मिनी में अक्सर किसी भी साइट का स्वतः मोबाइल संस्करण (अगर है तो) खुलता है जबकि ऑपेरा मोबाइल में डैस्कटॉप संस्करण खुलता है। ऑपेरा मोबाइल द्वारा ब्लॉगर तथा वर्डप्रैस के डैशबोर्ड के लगभग सभी पहलू प्रयोग किये जा सकते हैं। इसके अलावा ब्लॉग पोस्ट आदि लिखी जा सकती है, ड्राफ्ट सेव तथा पब्लिश किया जा सकता है। हाँ हिन्दी लिखने के लिये कॉपी-पेस्ट ही करना पड़ेगा बाकी टिप्पणी, ट्विटिंग वगैरा आराम से की ही जा सकती है।
तो कुल मिलाकर १३,५०० रुपये में नोकिया ५८०० एक अच्छा फोन है। सिम्बियन स्मार्टफोन होने से इसके लिये काफी मुफ्त सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं। यदि इसमें हिन्दी समर्थन कम से कम पढ़ने में (डिस्पले) बिलकुल पूरा होता तो और भी अच्छा रहता पर फिलहाल कुछ न होने से कुछ होना अच्छा है। और जैसा मैंने पहले कहा था यदि आप का काम वाइ-फाइ बिना भी चल सकता है तो लगभग यही फीचर्स आपको ८२०० रुपये में नोकिया ५२३० में भी मिल जायेंगे।
अपडेट: अब लगभग इसी कीमत में नोकिया C6 आ रहा है जो कि ५८०० से कहीं बेहतर है, उसमें ५ ऍमपी कैमरा, वर्चुअल के अतिरिक्त भौतिक क्वर्टी कीबोर्ड तथा होमस्क्रीन को कस्टमाइज करने की सुविधा है। सिम्बियन प्लेटफॉर्म यही (S60v5) है यानि जैसी हिन्दी इन फोनों में चलती है वैसी उसमें भी चलेगी। इसलिये यदि आप नया फोन लेने की सोच रहे हैं तो इसका इंतजार करना सही रहेगा।
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17 टिप्पणियाँ
ट्रैकबैक
- टचस्क्रीन फोन में ऑपेरा मिनी/मोबाइल में टैक्स्ट कट-कॉपी-पेस्ट कैसे करें | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blog
- टचनागरी – बिना हिन्दी इनपुट वाले टचस्क्रीन फोन पर हिन्दी लिखने हेतु कीबोर्ड | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech






















समीक्षा तो अच्छी रही. जितने उन्नत मॉदल पर जाते है हिन्दी के प्रति कमजोर होते जाते है.
@संजय बेंगाणी,
सही कहा संजय भाई। पहले ले देकर विण्डोज़ मोबाइल के लिये हिन्दी का पक्का जुगाड़ था अब उसके नये संस्करण में भी वो नहीं चलता।
३x डिजिटल ज़ूम
ऑडियो फॉर्मेट बहुत हैं, ज़रा aiff, flac आदि भी चला के देख लो!
आजकल मिलने वाले हैंडसैट में इंटरनेट ब्राउज़िंग की गति हार्डवेयर के कारण पंगु नहीं होती वरन् नेटवर्क/कनेक्शन स्पीड के कारण होती है। मेरे ५ वर्ष पुराने नोकिआ एन७० में भी ३जी पर चलाने पर काफ़ी तेज़ गति से ब्राउज़िंग होती है।
मेरे फोन में हिन्दी समर्थन नहीं है, यानि हिन्दी फांट नहीं है परन्तु पीडीएफ़ तो यहाँ भी सही दिख जाती है, कारण यह कि पीडीएफ़ में टैक्स्ट इमेज की भांति बिटमैप्स में सेव होता है, या यूं कह लो कि फांट एम्बैड हो जाता है।
नेटिव एप्लीकेशन का अर्थ होता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम पर नेटिव रूप में चलने वाली है या थर्ड पार्टी रनटाइम में चलने वाली। बहरहाल, विण्डोज़ मोबाइल में ऑफिस मोबाइल का पूरा वर्ज़न और आऊटलुक मोबाइल का पूरा वर्ज़न आता है। अडोबी रीडर का आना फोन निर्माता पर निर्भर करता है कि वो अडोबी से लाइसेन्स लेता है कि नहीं।
अच्छी जानकारी !
हाँ हिन्दी ठीक ठाक पढने के लिए बल्कि बिलकुल ठीक ठाक पढने के लिए ओपेरा में बिट-मैप टेक्स्ट फॉण्ट का ओपसन कॉन्फ़िगर कर लें तो बिलकुल झकास हिन्दी पढ़ सकते हैं …पर बैंडविथ बहुत खाता है …और कट पेस्ट की सुविधा भी समाप्त हो जाती है |
बाकी सब तो आपने बढ़िया बताया है मगर हमने जनवरी में लिया और तब भी १३५०० का था
आज भी उतने का है ?
ओपेरा मस्त है
फ्रिंग कमाल है
हिंदी लिखने के लिए कोई सरल जुगाड बताईये तो मज़ा आये
मेल भी चेक कर लेते हैं
नेट स्पीड २ जी में भी बढ़िया है (संतोष जनक)
अब कुछ कमियां सुने
इयरफोन और बैटरी खराब हो गई
इतर फोन लेफ्ट सईद का बज नहीं रहा बैटरी एक तरफ से उखड रही है (बदलने को भेजा है )
नेट यूज करने पर सेट हीट हो रहा था
अब फोटो खीचने के समय हैंग की समस्या है (वायरस की दिक्कत नहीं है )
मगर कोई ज्यादा शिकायत नहीं है क्योकि और लोगों का बढ़िया चल रहा है देखते हैं संपर्क किया है
मदर बोर्ड बदल जाए तो दिक्कत शायद दूर हो
एक नया ५२३३ लिया है वो चका चक चल रहा है
बस कुछ खूबियाँ कम हैं इसमें मगर ७२५० रुपये का लिया और पैसा वसूल है
@amit,
हाँ कई हैं और यह सैट बहुत सारे चला भी सकता है पर उन्हें प्रयोग कौन करता है तो हम क्यों टेंशन लें? इसीलिये सिर्फ आम प्रचलित फॉर्मेट ही लिखे।
इसका मतलब अडॉबी रीडर किसी भी फोन में हिन्दी पीडीऍफ सही दिखायेगा। यह तो अच्छी बात है, बाकी ई-बुक पढ़ने का मजा थोड़ी बड़ी स्क्रीन पर ही आयेगा।
@प्रवीण त्रिवेदी,
हाँ ऐसा करने से ऑपेरा मिनी कॉम्पलॅक्स स्क्रिप्ट वाले पेज (स्काइफायर की तरह) अपने सर्वर पर रॅण्डर करता है, इससे स्पीड थोड़ी कम हो जाती है पर हिन्दी सही देखने का यही उपाय हो तो करना पड़ता है। कुछ साइटें हैं जो ऑपेरा मोबाइल में नहीं खुलती उनके लिये मैं ऑपेरा मिनी का (इस विकल्प के साथ) प्रयोग करता हूँ। उदाहरण के लिये ऑपेरा मोबाइल में जीमेल की मोबाइल साइट, गूगल बज्ज़ मोबाइल साइट आदि नहीं खुलते, वहाँ ऑपेरा मिनी का प्रयोग करना पड़ता है।
@वीनस,
हाँ कुछ कमियाँ तो हैं ये, वैसे अब लगभग इसी कीमत में नोकिया C6 आ रहा है जो कि ५८०० से कहीं बेहतर है, उसमें ५ ऍमपी कैमरा, वर्चुअल के अतिरिक्त भौतिक क्वर्टी कीबोर्ड तथा होमस्क्रीन को कस्टमाइज करने की सुविधा है। सिम्बियन प्लेटफॉर्म यही है यानि जैसी हिन्दी इन फोनों में चलती है वैसी उसमें भी चलेगी। बाकी सस्ता लेना हो तो नोकिया ५२३३ की बजाय मैं ५२३० की सलाह दूँगा, कोई एक हजार के फर्क पर इसमें ३जी, जीपीऍस आदि अतिरिक्त सुविधायें हैं।
अब भई तुमको नहीं पता इसका अर्थ यह तो न हुआ कि फॉर्मेट प्रचलित नहीं है?!
aiff तो खैर मैंने यूँ ही तुम्हारी खिंचाई के लिए लिख दिया था लेकिन flac तो काफ़ी प्रचलित फॉर्मेट है, mp3 जितना नहीं है लेकिन फिर भी काफ़ी प्रचलित है। इस फॉर्मेट का प्रयोग वही करते हैं जिनको ऑडियो क्वालिटी चाहिए होती है लगभग mp3 के फाइल साइज़ में। कोवोन एस९ लेने के पीछे जो कारण थे उनमें मुख्य यह भी था।
भाया तुम्हारे यहाँ कुछ गड़बड़ ही है। जीमेल ऑपरा मोबाइल में मस्त खुलती है, एन७० पर पुराना v8.65 है उसमें भी मस्त खुलती है, एचडी२ पर नवीनतम v10 है उसमें भी मस्त खुलती है। ऑपरा मिनी वगैरह टाइप के ब्राउज़रों में ईमेल आदि पर लॉगिन न किया करो, यह सारी जानकारी ब्राउज़र कंपनी के सर्वर पर जाती है, कौन जाने कब कहाँ क्या हो जाए।
वैसे एक बात ध्यान आई, ब्राउज़र में ईमेल खोलते ही काहे हो? ईमेल क्लाइंट जो है मोबाइल में उसी में imap4 प्रयोग कर जीमेल को कॉन्फिगर कर लो या फिर जीमेल की मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो, झंझट ही खत्म!
@amit,
ऑपेरा मोबाइल में जीमेल की स्टैण्डर्ड साइट खुलती है मोबाइल साइट (m.gmail.com) नहीं खुलती। मोबाइल फोन पर मोबाइल वाली साइट सुविधाजनक रहती है। फुल साइट फालतू डैटा ट्राँसफर के अलावा समय भी ज्यादा लगाती है।
क्या करें कोई और उपाय नहीं है जी, फोन पर मेल तो पढ़नी ही है।
तुम सही कहते हो, फोन का डिफॉल्ट मेल क्लाइंट सबसे अच्छा है, जीमेल की मोबाइल ऍप्लीकेशन भी अच्छी है लेकिन उसमें फुल टच स्पोर्ट के बावजूद वो फालतू नेवीगेटर टाइप जुड़ा होता है। खैर समस्या ये है कि मेरी ज्यादातर मेल्स हिन्दी में होती हैं तथा वो इन दोनों ही क्लाइंटों में पढ़ी नहीं जाती सिर्फ इसी वजह से ब्राउजर में पढ़नी पड़ती हैं अन्यथा तो मैंने पाया कि मेल क्लाइंट ही मेल हेतु सबसे अच्छे हैं।
ऑपरा मोबाइल की सैटिंग में मोबाइल व्यू को ऑन कर रखा है? यदि हाँ और फिर भी मोबाइल साइट नहीं खुलती तो gmail.com पर जाने की जगह m.gmail.com पर जाया करो, मोबाइल साइट ही खुलेगी!
@amit,
मोबाइल व्यू सिर्फ पेज को हॉरिजॉण्टली छोटा करके स्क्रीन पर फिट कर देता है, उसका मोबाइल साइट खुलने से सम्बंध नहीं है। और हाँ ऑपेरा मोबाइल में चाहे m.gmail.com पर जाओ, मोबाइल साइट नहीं खुलती, क्या तुम्हारे में खुलती है?
भाया हमारे यहाँ तो खुलती है तभी तो कह रहे हैं। पुराने नोकिआ एन७० में भी खुलती है और विण्डोज़ मोबाइल में भी खुलती है। और मोबाइल व्यू में यह भी देखा है कि यदि साइट का मोबाइल वर्ज़न उपलब्ध हो तो वह दिखाता है, यदि मोबाइल व्यू बंद किया हुआ है तो मोबाइल वर्ज़न होने पर भी साइट का डेस्कटॉप वर्ज़न ही दिखाता है।
भाई,इस फोन के साथ मेरी यादें अच्छी नहीं हैं.मैंने सात महीनों में ही इससे तौबा कर ली.हैंग होना,ऑफ़-ऑन होना आदि समस्याएं इतनी ज्यादा हुईं की मैं फेड-अप हो गया.बाकी फीचर तो ठीक-ठाक रहे.इस पर मेरी पहले की पोस्ट “मोबाइल का महंगा शौक” पढ़ी जा सकती है. फिलहाल मैं गैलेक्सी एस (सैमसंग) को अपग्रेड कराकर मज़े में हूँ.
ab Symbian ka koi future nahi hai.Android ne symbian ko flop kar diya.
ab jab tak Meego nahi ata tab tak nokia ke mobile phones android ke samne fike lagenge.
R.I.P Symbian s60v5
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