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टचस्क्रीन फोन में ऑपेरा मिनी/मोबाइल में टैक्स्ट कट-कॉपी-पेस्ट कैसे करें


आरम्भ में मैं अपने नये नोकिया ५८०० पर ऑपेरा मिनी/ऑपेरा मोबाइल में टैक्स्ट को कॉपी-पेस्ट करने का तरीका समझ न पाया था। इसके लिये अलग से ब्राउजर में कोई विकल्प नहीं होता तो मुझे तरीका ढूंढने में कुछ समय लगा जिसे बताने जा रहा हूँ। यह तरीका किसी भी फोन जिसमें क्लिपबोर्ड की सुविधा हो तथा ऑपेरा मिनी या ऑपेरा मोबाइल चल सकता हो, में काम करेगा।

किसी वेब पेज से टैक्स्ट कॉपी करना

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किसी वेबपेज से टैक्स्ट कॉपी करने के लिये आप स्टायलस से पेज पर दबायें, एक पॉप-अप मैन्यू आयेगा – Select Text, इसे चुनने पर वेबपेज पर कर्सर आ जायेगा। उससे वाँछित टैक्स्ट सलैक्ट (हाइलाइट) करें, एक पॉप-अप मैन्यू आयेगा जिसमें दो विकल्प होंगे – Copy तथा Search, अपना वाँछित विकल्प चुन लें।

टैक्स्ट बॉक्स में से टैक्स्ट कॉपी या कट करना

यदि आपको किसी टैक्स्ट बॉक्स में से सारा टैक्स्ट कॉपी या कट करना हो तो बॉक्स के ऊपर स्टायलस से दबायें, पॉप-अप मैन्यू आयेगा उसमें से Copy या Cut लें ले, टैक्स्ट बॉक्स की सारी सामग्री कॉपी/कट हो जायेगी।

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यदि आपको टैक्स्ट बॉक्स में से चुनिन्दा टैक्स्ट कॉपी करना हो तो पहले बॉक्स के अन्दर क्लिक करें तथा स्टायलस से वाँछित टैक्स्ट चुनकर (हाइलाइट करके) उसके ऊपर स्टायलस से दबायें तो फिर पॉप-अप मैन्यू आयेगा जिसमें से Copy या Cut चुन लें।

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इसी प्रकार किसी टैक्स्ट बॉक्स के ऊपर अगर आप स्टायलस से दबाने पर पॉप-अप मैन्यू से पेस्ट का विकल्प लेंगे तो उस टैक्स्ट बॉक्स में मौजूद सारी सामग्री की जगह पेस्ट की गयी सामग्री आ जायेगी। यदि आप बॉक्स में मौजूद पुरानी सामग्री में नयी कॉपी/कट की गयी सामग्री जोड़ना चाहते हैं तो पहले बॉक्स के अन्दर वाँछित जगह पर क्लिक करें तथा स्टायलस से दबायें फिर जो पॉप-अप मैन्यू आये उसमें  से Paste का विकल्प चुनें।



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16 टिप्पणियाँ

  1. जानकारी के लिए धन्यवाद!

    लगभग इसी तरह से ओपेरा मिनी में अपने फ़ोन पर कट पेस्ट करता हूँ.

    वैसे भैये स्टायलस टाच फ़ोन की डंडी ही है न? :-)
    (ऐसी जानकारी एक मास्टर से ही ले सकता हूँ ना?)

    (स्मार्ट फोन सोनी एरिक्सन व810इ से ब्राउजर ओपेरा मिनी 5 से wordpress mobile view द्वारा रेंडर किये गए पेज से टीप प्रेषित)

  2. प्रवीण जी, सोनी एरिक्सन w810i स्मार्ट फोन नहीं है। :)

  3. चलिए ज़रा आपकी पोस्ट के डेस्कटाप वीएव पर भी कमेन्ट टेस्ट कर लिया जाए!

    क्या करें ट्रायल इरर करने से दिल बाज नहीं आता? :-)

    (स्मार्ट फोन सोनी एरिक्सन w810i से ब्राउजर ओपेरा मिनी 5 से wordpress desktop view द्वारा टीप प्रेषित)

  4. प्रवीण जी,
    सोनी एरिक्सन w810i
    स्मार्ट फोन नहीं है।

    अमित भाई
    मुआफी!
    ज्ञान चक्षु खोलने के लिए शुक्रिया !
    वैसे कभी ना कभी ऐसे चम्पू फोन :-) भी स्मार्ट फ़ोन कहलाते रहे होंगे? नहीं?

    जहाँ तक मेरी समझ साथ देती है
    समय के साथ साथ या अगली पंक्ति वाले ही तो स्मार्ट कहलाते हैं ना? :-)

  5. @प्रवीण त्रिवेदी,

    वैसे भैये स्टायलस टाच फ़ोन की डंडी ही है न? :-)
    (ऐसी जानकारी एक मास्टर से ही ले सकता हूँ ना?)

    हाँ जी फोन की डण्डी को ही स्टायलस कहते हैं।

    हिन्दी कैसे लिख रहे हैं जी, गूगल स्क्र्पिट कन्वर्टर द्वारा या कोई और तरीका?

    वैसे कभी ना कभी ऐसे चम्पू फोन :-) भी स्मार्ट फ़ोन कहलाते रहे होंगे? नहीं?

    प्रवीण जी स्मार्टफोन मोटे तौर पर ऐसे फोन को कहते हैं जिसमें कम्प्यूटर जैसे गुण हों तथा उसमें एक विशिष्ट ऑपरेटिंग सिस्टम हो। नोकिया के स्मार्टफोन सिम्बियन (सीरीज ६० अथवा S60) वाले होते हैं। सोनी ऍरिक्सन के स्मार्टफोन सिम्बियन UIQ तथा कुछ सैट विण्डोज़ मोबाइल वाले हैं। इसके अतिरिक्त आइमेट, ऍलजी, सैमसंग, स्पाइस आदि कुछ कम्पनियाँ भी विण्डोज़ मोबाइल वाले स्मार्टफोन बनाती हैं। ऍचटीसी विण्डोज़ मोबाइल (माइक्रोसॉफ्ट का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम) तथा ऍण्ड्रॉइड (गूगल का लिनक्स आधारित मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम) वाले स्मार्टफोन बनाने वाली एक प्रमुख कम्पनी है। मोटोरोला के भी ऍण्ड्रॉइड वाले कुछ स्मार्टफोन हैं। ब्लैकबेरी तथा ऍप्पल (आइफोन) भी हाल के वर्षों में स्मार्टफोन के क्षेत्र में तेजी से आये हैं। कुछ पुरानी स्मार्टफोन बनाने वाली कम्पनियाँ अब अधिक प्रचलित नहीं हैं जैसे पाम, O2 आदि। स्मार्टफोन बारे अधिक जानकारी के लिये विकिपीडिया पर यह लेख पढ़ें।

  6. कुछ पुरानी स्मार्टफोन बनाने वाली कम्पनियाँ अब अधिक प्रचलित नहीं हैं जैसे पाम, O2 आदि।

    O2 फोन निर्माता नहीं है वरन्‌ मोबाइल सेवा प्रदाता है जैसे एयरटेल, एमटीएनएल आदि। ये जो अपने ब्रांड का ठप्पा लगा के विण्डोज़ मोबाइल बेचते हैं वह एचटीसी बनाता है।

  7. @amit,
    शक तो मुझे भी था कि O2 शायद खुद फोन नहीं बनाती कहीं पढ़ा था कि उसका कोई मॉडल ऍचटीसी ने बनाया था लेकिन कई साल पहले एक दोस्त के पास एक विण्डोज़ मोबाइल वाला सैट देखा था जिस पर O2 लिखा था (वही ठप्पा लगाने वाला मामला होगा) तो मुझे लगा कि शायद O2 खुद भी सैट बनाती हो। वैसे ये बाहर की कम्पनी होगी तो उस बन्दे ने शायद किसी के हाथों मंगाया होगा वह सैट।

  8. श्रीश, O2 टेलीफोनिका योरोप की कंपनी है और इसकी शुरुआत लंदन से हुई थी। यह युनाइटिड किंग्डम, ऑयरलैंड, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और स्लोवाकिया में मोबाइल तथा फिक्सड लाइन सेवा प्रदान करती है। दरअसल योरोप और अमेरिका आदि में सेवा प्रदाता द्वारा दिया जाने वाला फोन सब्सिडी पर मिलता है (इसी तरह सेब का आईफोन $199 में मिलता है, बिना कांट्रेक्ट यही कोई $700 का पड़ता है) एक निश्चित अवधि के कॉन्ट्रेक्ट के साथ। यदि आपका प्लान महंगा वाला है और आप नए फोन के लिए एलिजिबल हैं तो सेवा प्रदाता कुछ फोन मॉडलों में से एक आपकी पसंद का आपको मुफ़्त भी दे सकता है।

    ये सेवा प्रदाता मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को ठेका देते हैं उनके किसी मॉडल को थोक में खरीदने का, अपनी इच्छा अनुसार उसमें थोड़ा फेर बदल भी करवा लेते हैं, फोन पर सेवा प्रदाता की ब्रांडिंग भी लग जाती है फोन निर्माता के नाम के साथ और साथ ही फोन के सॉफ़्टवेयर में भी सेवा प्रदाता की ब्रांडिंग लग जाती है (जैसे फोन स्टार्ट होगा तो एचटीसी लिखा आने की जगह सेवा प्रदाता का नाम आएगा, इत्यादि)।

  9. @ePandit

    हिन्दी कैसे लिख रहे हैं जी, गूगल स्क्र्पिट कन्वर्टर द्वारा या कोई और तरीका?

    हाँ ! गूगल स्क्र्पिट कन्वर्टर से ही उपरोक्त दोनों कमेन्ट हिन्दी में प्रेषित थे |

  10. काम की जानकारी। पर पहले फोन तो जुगाड़ें! :)

  11. @amit,
    ये कॉण्ट्रैक्ट में सस्ता पड़ने वाला मामला अच्छा है, रामचंद्र मिश्र जी भी कुछ ऐसा ही बता रहे थे कि उन्हें इस तरह ऍचडी २ काफी सस्ता पड़ेगा।

    @प्रवीण त्रिवेदी,
    हम्म, वैसे गूगल वाले से बेहतर जुगाड़ तो आपके फोन के लिये भी हो सकता है। मैंने ट्राइ किया भी था पर फिलहाल सफलता नहीं मिली।

    @Gyan Dutt Pandey,
    जी, बाकी आपके पास तो शायद विण्डोज़ मोबाइल वाला फोन है ना? उसमें तो हिन्दी का जुगाड़ है ही।

  12. श्रीश, एक तरह से देखो तो यह सिर्फ़ लोगों क्को बेवकूफ़ बनाने का काम अधिक होता है। लोग सोचते हैं कि सस्ते में मोबाइल मिल रहा है लेकिन भाया सेवा प्रदाता मूर्ख थोड़े ही है, उसको अपना मुनाफ़ा नहीं देखना क्या? तो अमूमन होता यूँ है कि खास फोन कॉन्ट्रेक्ट पर लो तो सेवा प्रदाता उस पर कुछ चुनिन्दा प्लॉन ही देता है जो कि प्रायः महंगे होते हैं जिसकी उपभोग्ता को कदाचित्‌ आवश्यकता नहीं होती। साथ ही यह कि फोन उस सेवा प्रदाता के नेटवर्क पर लॉक्ड भी होता है, दूसरे का सिम कार्ड डाल चलाने के लिए आपको फोन अनलॉक करना पड़ता है जो कि सेवा प्रदाता कॉन्ट्रेक्ट पूरा होने से पहले करने नहीं देगा और अन्य तरीकों से भी झंझट ही होता है। यानि कि आज़ादी कम हो जाती है। अमेरिका में तो खास कोई फर्क पड़ता नहीं क्योंकि जीएसएम वाले वहाँ दो ही मुख्य सेवा प्रदाता हैं – एटी&टी तथा टी-मोबाइल – और दोनों ही की फ्रीक्वेन्सी कुछ अलग है। बाकी बचे वेराइज़न और स्प्रिन्ट तो वे दोनों सीडीएमए पर हैं जिनके फोन वैसे ही एक दूसरे पर नहीं चलेंगे! हाँ योरोप में ऐसा नहीं है क्योंकि जीएसएम की एक ही फ्रीक्वेन्सी रेन्ज प्रयोग होती है (एशिया की भांति) तो वहाँ यह आज़ादी कुछ सुविधाजनक हो सकती है।

  13. सीखने की कोशिश करते हैं जबकि सेबिया फोन (सेब है तो स्‍मार्ट तो होगा ही) आई फोन 3 जी एस में डण्‍डी यानी स्‍टायलिश नहीं है।

ट्रैकबैक

  1. ऑपेरा मिनी – सामान्य फोन (नॉन-स्मार्टफोन) हेतु सर्वश्रेष्ठ वेब ब्राउजर | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blog
  2. टचनागरी – बिना हिन्दी इनपुट वाले टचस्क्रीन फोन पर हिन्दी लिखने हेतु कीबोर्ड जारी | ई-पण्डित / ePandit ̵
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