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गूगल रीडर बन्द हो रहा है, दूसरे फीड रीडर विकल्प


गूगल रीडर के प्रयोक्ताओं के लिये निराशाजनक समाचार है। गूगल १ जुलाई से इसे बन्द करने जा रहा है। गूगल ने अपने ब्लॉग पर “A second spring of cleaning” नामक ब्लॉग पोस्ट में इस आशय की घोषणा की। यह गूगल रीडर के प्रयोक्ताओं के लिये बड़ा झटका है। गूगल के इस निर्णय से प्रयोक्ताओं में काफी निराशा तथा नाराजगी है। यहाँ तक कि ट्विटर पर ‘Google Reader’ ट्रेंडिंग टॉपिक भी बन गया।

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गूगल रीडर सर्वाधिक लोकप्रिय फीड रीडर है। यह एक क्लाउड आधारित फीड सिंकिंग सेवा है। हिन्दी चिट्ठाकारों में भी यह ब्लॉग पठन के लिये लोकप्रिय है। यह एक वेब ऍप है जिसे किसी भी डिवाइस पर प्रयोग किया जा सकता है। इसका इंटरफेस सरल तथा प्रयोक्ता मित्र है। मोबाइल डिवाइसों पर मिनिमल इंटरफेस पठनीयता को और बढ़ा देता है। इस पर कई फीड रीडर ऍप्लिकेशनें आधारित हैं। गूगल द्वारा इसे बन्द करने का कारण इसका प्रयोग घटना बताया गया है। वह कम सेवाओं पर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहता है। इसके साथ बन्द होने जा रही कुछ अन्य सेवाओं में स्नैपसीड (मॅक तथा विण्डोज़ संस्करण), ब्लैकबेरी गूगल वॉइस ऍप तथा गूगल ऑफिस क्लाउड कनैक्ट प्लगइन शामिल हैं। इससे पहले भी गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर जैसी बेहतरीन सेवा बन्द कर चुका है। हालाँकि इस ब्लॉग पोस्ट के अनुसार गूगल रीडर अब भी गूगल+ से अधिक ट्रैफिक प्राप्त करता है। कइयों को लगता है कि रीडर को बन्द करना गूगल प्लस पर शेयरिंग बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति है।

हाल के वर्षों में सोशल नेटवर्किंग सेवाओं का प्रचलन बढ़ने से फीड रीडरों का उपयोग घटा है लेकिन अब भी ये उन लोगों के लिये आवश्यक है जो कई वेबसाइटों तथा ब्लॉगों की वेब फीड को फॉलो करते हैं। खैर गूगल रीडर के विकल्प उपलब्ध हैं हालाँकि सम्भवतः कोई भी उस  जितना अच्छा शायद न हो। नेटवाइब्स गूगल रीडर जैसे इंटरफेस वाला एक लोकप्रिय वेब रीडर है। न्यूजब्लर एक अन्य रीडर है जिसका इंटरफेस काफी कुछ गूगल रीडर जैसा है। इसकी ऍण्ड्रॉइड तथा आइओऍस ऍप्स भी उपलब्ध हैं। समस्या ये है कि मुफ्त संस्करण में कुछ सीमायें हैं। फीडली एक वेब रीडर है जिसका गैर-पारम्परिक इंटरफेस न्यूजपेपर शैली का है। इसे प्रयोग करने हेतु आपको क्रोम या फायरफॉक्स ऍक्सटेंशन इंस्टॉल करनी होगी। फीडली को आप गूगल रीडर से सिंक कर सकते हैं। गूगल रीडर से इस पर शिफ्ट होना आसान बनाने के लिये सने घोषणा की है कि गूगल रीडर के बन्द होने पर यह स्वतः काम करना जारी रखेगा। पल्स, ताप्तू, फ्लिपबोर्ड आदि कुछ अन्य नाम हैं। फ्लिपबोर्ड पहले से लोकप्रिय है लेकिन यह केवल ऍण्ड्रॉइड तथा आइओऍस के लिये उपलब्ध है, डैस्कटॉप के लिये नहीं।

आपका अगला काम होगा गूगल रीडर की फीड को नये रीडर में इम्पोर्ट करना। इसके लिये आप गूगल टेकआउट के उपयोग से गूगल रीडर की सैटिंग ऍक्सपोर्ट कर सकते हैं।

  1. गूगल टेकआउट के रीडर पेज पर जायें तथा Create Archive बटन दबायें। यह आपकी सभी फीड सब्स्क्रिप्शन तथा अन्य जानकारियों जैसे स्टार आइटम आदि युक्त एक जिप फाइल बना देगा। हालाँकि अधिकतर नये रीडर इन अन्य जानकारियों को इम्पोर्ट न कर पायेंगे।
  2. काम पूरा हो जाने पर डाउनलोड बटन दबाकर फाइल उतार लें।
  3. जिप फाइल को खोलें। इसमें एक Reader  नामक फोल्डर होगा जिसमें subsciptions.xml नामक फाइल होगी। इसे डैस्कटॉप पर ऍक्सट्रैक्ट कर लें।
  4. अपना नया चुना फीड रीडर खोलें। इसकी सैटिंग्स में जायें तथा इम्पोर्ट का विकल्प खोजकर subsciptions.xml नामक फाइल को आयात कर लें। आपकी सभी फीड नये रीडर में आ जायेंगी।

आपके पास नया फीड रीडर चुनने के लिये तीन महीने का समय है। फिलहाल गूगल रीडर प्रयोग करते रहें और साथ-साथ विभिन्न सेवायें आजमा कर देखें कि कौन सी आपके लिये सबसे सही है। गूगल रीडर की सैटिंग्स का एकाध बैकअप अब ले लें और एक जून के अन्त में लेकर नयी चुनी सेवा पर शिफ्ट हो जायें। वैसे फीडली जैसी कुछ सेवायें उपर्युक्त प्रक्रिया को आजमाये बिना भी गूगल रीडर से सिंक करके आपकी फीड सब्स्क्रिप्शन को वहाँ आयात कर रही हैं। इससे आप उन्हें गूगल रीडर के साथ-साथ प्रयोग करते रह सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग सेवाओं के प्रचलन से भले फीड का उपयोग घटा हो लेकिन अब भी यह काफी उपयोग होता है और फिलहाल लम्बे समय तक होता रहेगा। यह समझ नहीं आता कि जब गूगल पच्चीसों बेकार सेवायें जारी रख सकता है तो एक इस उपयोगी और लोकप्रिय सेवा को क्यों नहीं। यदि उसे इससे विशेष लाभ न भी हो रहा हो तो भी गूगल जैसी कम्पनी के लिये इसे चलाये रखना कोई बड़ी बात नहीं। गूगल का अन्दाजा नहीं कि इस कदम से ब्लॉगरों को कितना नुकसान होगा। यदि आप सहमत हैं तो चेंज.ऑर्ग पर या KeepGoogleReader.com पर पिटीशन साइन करें।

Google reader is shutting down



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6 टिप्पणियाँ

  1. तीन विकल्पों का अनुभव ले रहे हैं, एक नियत करेंगे।

  2. क्या जो सदस्य बनते हैं ब्लाग पर उनकी फीड भी बंद हो जायेगी

    • मनु जी, ब्लॉग पर सदस्य बनने से आपका आशय शायद फॉलोवर विजेट के जरिये फीड लेने से है। फीड चाहे सीधे ली जाय या उपर्युक्त विजेट से, उसे पढ़ने के लिये एक फीड रीडर चाहिये फिर वह चाहे गूगल रीडर हो या कोई और।

  3. feedly में खूब खोजा पर सैटिंग का विकल्प नही मिला

ट्रैकबैक

  1. हिटलर भी गूगल रीडर के बन्द होने से नाराज है | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blog
  2. आज गूगल रीडर का अन्तिम दिन, फीडली अपनायें तथा गूगल रीडर का बैकअप लें | ई-पण्डित / ePandit – Hindi Tech Blog

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