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नैक्सस ७ टैबलेट भारत में आधिकारिक रूप से जारी, प्रीबुकिंग शुरु @₹१६,०००

Wednesday, March 27th, 2013

गूगल का आसुस द्वारा निर्मित प्रसिद्ध नैक्सस ७ टैबलेट (१६ जीबी, वाइ-फाइ) भारत में प्ले स्टोर पर प्रीबुकिंग के लिये उपलब्ध हो गया है। इसकी कीमत १६,००० रुपये है। यह वाइ-फाइ ओनली मॉडल है, ३जी तथा ३२ जीबी मॉडल अभी उपलब्ध नहीं हैं।

Google Nexus 7

७ इंच १२००×८०० स्क्रीन, टेग्रा ३ क्वाड कोर प्रोसैसर, १ जीबी रैम तथा ऍण्ड्रॉइड ४.२ (जैली बीन) युक्त यह टैबलेट वैश्विक तौर पर काफी लोकप्रिय हुआ। इसकी कमियों की बात करें तो मेमोरी कार्ड स्लॉट तथा HDMI पोर्ट का न होना खलता है। इन दो कमियों के बावजूद कम कीमत के चलते यह अच्छा सौदा है। नैक्सस ७ की पूरी समीक्षा यहाँ पढ़ें।

इससे पहले भी भारत में कुछ वेबसाइटें भारत में इम्पोर्टिड नैक्सस ७ बेच रही थी पर आधिकारिक रूप से यह अब ही उपलब्ध हुआ है। इम्पोर्टिड वाले अधिक महँगे भी थे तथा उन पर वारंटी भी नहीं थी जबकि इस पर एक साल की वारंटी भी है। इसे गूगल प्ले स्टोर पर यहाँ से बुक किया जा सकता है। शिपिंग ५ अप्रैल से शुरु होगी।

Nexus 7 prebooking starts in India

हिटलर भी गूगल रीडर के बन्द होने से नाराज है

Sunday, March 17th, 2013

गूगल द्वारा अपनी लोकप्रिय फीड रीडर सेवा गूगल रीडर बन्द करने के निर्णय से प्रयोक्ताओं में काफी निराशा तथा नाराजगी है। इस फैसले से दुःखी लोगों की सूची में हिटलर भी शामिल हो गया है। हिटलर की प्रतिक्रियाओं वाले वीडियो (Hitler Reacts meme) के नवीनतम अवतार में हिटलर इस समाचार पर अपनी खिन्नता व्यक्त करता है कि उसका प्रिय फीड रीडर बन्द किया जा रहा है। वीडियो में एक जगह हिटलर कहता है,

"Why on Earth do they need to destroy all things good?. How dare they take away Google Reader. I have over 300 feeds in there. Have they any idea how much effort I’ve put in?."

जब उसका एक सैन्य अधिकारी उसे बताता है कि रीडर को इसलिये बन्द किया गया है ताकि गूगल दूसरे उत्पादों जैसे गूगल ग्लास पर फोकस कर सके तो हिटलर चिल्लाता है कि गूगल ग्लास गूगल वेव के बाद सबसे बकवास उत्पाद है। निराशा की पराकाष्ठा में वह पूछता है कि अब क्या विकल्प रह गये हैं।

गूगल रीडर के बन्द होने के समाचार से ब्लॉगरों में निराशा व्याप्त है। वेब पर चल रही हलचल से रूबरू होने के लिये यह सर्वश्रेष्ठ उपाय है। हालाँकि कुछ दूसरे विकल्प उपलब्ध हैं पर गूगल रीडर जैसा कोई नहीं। प्रयोक्ताओं में छायी निराशा और क्रोध को ही इस वीडियो में व्यक्त किया गया है।

Hitler reacts on Google Reader shutdown news

गूगल रीडर बन्द हो रहा है, दूसरे फीड रीडर विकल्प

Friday, March 15th, 2013

गूगल रीडर के प्रयोक्ताओं के लिये निराशाजनक समाचार है। गूगल १ जुलाई से इसे बन्द करने जा रहा है। गूगल ने अपने ब्लॉग पर “A second spring of cleaning” नामक ब्लॉग पोस्ट में इस आशय की घोषणा की। यह गूगल रीडर के प्रयोक्ताओं के लिये बड़ा झटका है। गूगल के इस निर्णय से प्रयोक्ताओं में काफी निराशा तथा नाराजगी है। यहाँ तक कि ट्विटर पर ‘Google Reader’ ट्रेंडिंग टॉपिक भी बन गया।

Google_reader_shutting_down

गूगल रीडर सर्वाधिक लोकप्रिय फीड रीडर है। यह एक क्लाउड आधारित फीड सिंकिंग सेवा है। हिन्दी चिट्ठाकारों में भी यह ब्लॉग पठन के लिये लोकप्रिय है। यह एक वेब ऍप है जिसे किसी भी डिवाइस पर प्रयोग किया जा सकता है। इसका इंटरफेस सरल तथा प्रयोक्ता मित्र है। मोबाइल डिवाइसों पर मिनिमल इंटरफेस पठनीयता को और बढ़ा देता है। इस पर कई फीड रीडर ऍप्लिकेशनें आधारित हैं। गूगल द्वारा इसे बन्द करने का कारण इसका प्रयोग घटना बताया गया है। वह कम सेवाओं पर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहता है। इसके साथ बन्द होने जा रही कुछ अन्य सेवाओं में स्नैपसीड (मॅक तथा विण्डोज़ संस्करण), ब्लैकबेरी गूगल वॉइस ऍप तथा गूगल ऑफिस क्लाउड कनैक्ट प्लगइन शामिल हैं। इससे पहले भी गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर जैसी बेहतरीन सेवा बन्द कर चुका है। हालाँकि इस ब्लॉग पोस्ट के अनुसार गूगल रीडर अब भी गूगल+ से अधिक ट्रैफिक प्राप्त करता है। कइयों को लगता है कि रीडर को बन्द करना गूगल प्लस पर शेयरिंग बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति है।

हाल के वर्षों में सोशल नेटवर्किंग सेवाओं का प्रचलन बढ़ने से फीड रीडरों का उपयोग घटा है लेकिन अब भी ये उन लोगों के लिये आवश्यक है जो कई वेबसाइटों तथा ब्लॉगों की वेब फीड को फॉलो करते हैं। खैर गूगल रीडर के विकल्प उपलब्ध हैं हालाँकि सम्भवतः कोई भी उस  जितना अच्छा शायद न हो। नेटवाइब्स गूगल रीडर जैसे इंटरफेस वाला एक लोकप्रिय वेब रीडर है। न्यूजब्लर एक अन्य रीडर है जिसका इंटरफेस काफी कुछ गूगल रीडर जैसा है। इसकी ऍण्ड्रॉइड तथा आइओऍस ऍप्स भी उपलब्ध हैं। समस्या ये है कि मुफ्त संस्करण में कुछ सीमायें हैं। फीडली एक वेब रीडर है जिसका गैर-पारम्परिक इंटरफेस न्यूजपेपर शैली का है। इसे प्रयोग करने हेतु आपको क्रोम या फायरफॉक्स ऍक्सटेंशन इंस्टॉल करनी होगी। फीडली को आप गूगल रीडर से सिंक कर सकते हैं। गूगल रीडर से इस पर शिफ्ट होना आसान बनाने के लिये सने घोषणा की है कि गूगल रीडर के बन्द होने पर यह स्वतः काम करना जारी रखेगा। पल्स, ताप्तू, फ्लिपबोर्ड आदि कुछ अन्य नाम हैं। फ्लिपबोर्ड पहले से लोकप्रिय है लेकिन यह केवल ऍण्ड्रॉइड तथा आइओऍस के लिये उपलब्ध है, डैस्कटॉप के लिये नहीं।

आपका अगला काम होगा गूगल रीडर की फीड को नये रीडर में इम्पोर्ट करना। इसके लिये आप गूगल टेकआउट के उपयोग से गूगल रीडर की सैटिंग ऍक्सपोर्ट कर सकते हैं।

  1. गूगल टेकआउट के रीडर पेज पर जायें तथा Create Archive बटन दबायें। यह आपकी सभी फीड सब्स्क्रिप्शन तथा अन्य जानकारियों जैसे स्टार आइटम आदि युक्त एक जिप फाइल बना देगा। हालाँकि अधिकतर नये रीडर इन अन्य जानकारियों को इम्पोर्ट न कर पायेंगे।
  2. काम पूरा हो जाने पर डाउनलोड बटन दबाकर फाइल उतार लें।
  3. जिप फाइल को खोलें। इसमें एक Reader  नामक फोल्डर होगा जिसमें subsciptions.xml नामक फाइल होगी। इसे डैस्कटॉप पर ऍक्सट्रैक्ट कर लें।
  4. अपना नया चुना फीड रीडर खोलें। इसकी सैटिंग्स में जायें तथा इम्पोर्ट का विकल्प खोजकर subsciptions.xml नामक फाइल को आयात कर लें। आपकी सभी फीड नये रीडर में आ जायेंगी।

आपके पास नया फीड रीडर चुनने के लिये तीन महीने का समय है। फिलहाल गूगल रीडर प्रयोग करते रहें और साथ-साथ विभिन्न सेवायें आजमा कर देखें कि कौन सी आपके लिये सबसे सही है। गूगल रीडर की सैटिंग्स का एकाध बैकअप अब ले लें और एक जून के अन्त में लेकर नयी चुनी सेवा पर शिफ्ट हो जायें। वैसे फीडली जैसी कुछ सेवायें उपर्युक्त प्रक्रिया को आजमाये बिना भी गूगल रीडर से सिंक करके आपकी फीड सब्स्क्रिप्शन को वहाँ आयात कर रही हैं। इससे आप उन्हें गूगल रीडर के साथ-साथ प्रयोग करते रह सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग सेवाओं के प्रचलन से भले फीड का उपयोग घटा हो लेकिन अब भी यह काफी उपयोग होता है और फिलहाल लम्बे समय तक होता रहेगा। यह समझ नहीं आता कि जब गूगल पच्चीसों बेकार सेवायें जारी रख सकता है तो एक इस उपयोगी और लोकप्रिय सेवा को क्यों नहीं। यदि उसे इससे विशेष लाभ न भी हो रहा हो तो भी गूगल जैसी कम्पनी के लिये इसे चलाये रखना कोई बड़ी बात नहीं। गूगल का अन्दाजा नहीं कि इस कदम से ब्लॉगरों को कितना नुकसान होगा। यदि आप सहमत हैं तो चेंज.ऑर्ग पर या KeepGoogleReader.com पर पिटीशन साइन करें।

Google reader is shutting down

आखिर गूगल लाया नैक्सस ७ टैबलेट का ३जी मॉडल

Wednesday, October 31st, 2012

गूगल का नैक्सस ७ टैबलेट अपने बेहतरीन हार्डवेयर तथा सस्ती कीमत के कारण खूब लोकप्रिय हो रहा है। लम्बे समय से इसका ३जी संस्करण आने की अटकलें लगायी जा रही थी।  अन्ततः गूगल ने गत २९ अक्तूबर को अपने कुछ अन्य नैक्सस डिवाइसों नैक्सस ४ तथा नैक्सस १० के साथ इसे भी जारी कर दिया। ३२ जीबी और ३जी वाला नैक्सस ७ इकट्ठे ही जारी हुये।

Nexus 7 Tablet Card Processing

३जी मॉडल की भारत जैसे देश में विशेष जरूरत है जहाँ यूरोप की तरह वाइ-फाइ सर्वसुलभ नहीं। हमारे जैसे छोटे शहरों में आज भी लोग इंटरनेट के लिये ब्रॉडबैंड की बजाय ३जी डोंगल आदि पर अधिक निर्भर हैं। इसलिये एक बजट ३जी टैबलेट की भारत में बहुत आवश्यकता है। नैक्सस ७ इस मामले में बिलकुल फिट बैठता है। गूगल का यह डिवाइस बेहतरीन हार्डवेयर फीचर्स युक्त है।

नैक्सस ७ की स्पैसिफिकेशन इस प्रकार हैं।

» ७ इंच कैपैस्टिव स्क्रीन, IPS डिस्प्ले, १२८०x८०० पिक्सल रिजॉल्यूशन

» १.३ गीगाहर्ट्ज नीवीडिया टैग्रा ३ क्वाड कोर प्रोसैसर, ४१६ मेगाहर्ट्ज नीवीडिया जीपीयू

» १ जीबी रैम

» १.२ मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा, रियर कैमरा नहीं

» माइक्रो यूऍसबी २.० पोर्ट, डॉकिंग पिन्स

» १६ जीबी/३२ जीबी आन्तरिक स्टोरेज, ऍक्सटर्नल कार्ड स्लॉट नहीं

» वाइ-फाइ, ब्ल्यूटुथ ३.०, NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन)

» जीपीऍस, ऍक्सलरोमीटर, गायरोस्कोप, प्रॉक्सिमिटी सैंसर, डिजिटल कम्पास, मैग्नेटोमीटर

» ४३२५ mAh बैट्री

» ऍण्ड्रॉइड ४.२ (जैली बीन्स)

नया नैक्सस ७ ऍण्ड्रॉइड के कल जारी किये गये नवीनतम संस्करण ४.२ युक्त है। ऍण्ड्रॉइड ४.२ में Swype शैली का गैस्चर टाइपिंग कीबोर्ड है जिस पर कुंजियों के ऊपर अंगुलियाँ फिराकर टाइप किया जा सकता है। ऍण्ड्रॉइड ४.२ की मल्टीयूजर सुविधा केवल टैबलेटों में उपलब्ध होगी। ऍण्ड्रॉइड ४.२ में फोटो स्फीयर नामक एक नयी फीचर है जो कि ३६० डिग्री पर पैनोरमा फोटो लेती है परन्तु नैक्सस ७ में पिछला कैमरा न होने से ये इसके काम की नहीं।

नैक्सस ७ में कुछ कमियाँ भी हैं जो आम प्रयोक्ता के लिये शायद मायने नहीं रखती, पर एक गीक के लिये रख सकती हैं। एक तो मेमोरी कार्ड स्लॉट नहीं है जिससे आप स्टोरेज को और नहीं बढ़ा सकते। दूसरी कमी है HDMI पोर्ट न होना या यूऍसबी पोर्ट में MHL फंक्शन न होना जिस कारण आप इसके डिस्प्ले को बड़ी स्क्रीन (मॉनीटर या टीवी) पर नहीं देख सकते। इसके अतिरिक्त इसमें यूऍसबी ऑन-द-गो सुविधा नहीं है जिससे आप इसमें पैन ड्राइव आदि नहीं जोड़ सकते। हालाँकि टैबलेट को रूट करके तथा स्टिकमाउंट नामक ऍप्लिकेशन डालकर ऐसा किया जा सकता है जिससे प्रतीत होता है कि यह सुविधा हार्डवेयर में है पर सॉफ्टवेयर में नहीं रखी गयी। इसके अतिरिक्त नैक्सस ७ में पीछे की तरफ कैमरा भी नहीं है पर यह बहुत बड़ी कमी नहीं क्योंकि टैबलेट में रियर कैमरे की बजाय फ्रंट कैमरा (वीडियो कॉल/चैट के लिये) ज्यादा जरूरी है। फोटो लेने के लिये तो आम तौर पर हमारे पास स्मार्टफोन होता ही है।

नैक्सस की इन दो-तीन कमियों के बावजूद बेहतरीन हार्डवेयर और वाजिब कीमत के चलते यह एक बढ़िया सौदा है। इसे खरीदने का एक विेशेष फायदा नैक्सस ब्राँड है। नैक्सस ब्राँड वाले डिवाइसों को ऍण्ड्रॉइड अपडेट के लिये अपने डिवाइस निर्माता के भरोसे नहीं रहना पड़ता। नवीनतम अपडेट पहले दिन ही सीधे गूगल से उपलब्ध हो जाते हैं।

नवीनतम कीमतें इस प्रकार हैं:-

» १६ जीबी वाइ-फाइ मॉडल – २०० डॉलर (लगभग ११,००० रुपये)

» ३२ जीबी वाइ-फाइ मॉडल – २५० डॉलर (लगभग १३,५०० रुपये)

» ३२ जीबी वाइ-फाइ+३जी मॉडल – ३०० डॉलर (लगभग १६,००० रुपये)

फीचरों तथा नैक्सस ब्राँड के हिसाब से यह वाजिब कीमत है। इसमें ४जी नहीं पर भारत में इसका न होना फिलहाल कोई मायने नहीं रखता। मेमोरी कार्ड स्लॉट तथा रिमूवेबल बैट्री यदि आपके लिये खास मायने नहीं रखते तो यह एक बढ़िया चॉइस है। यह १३ नवम्बर से यूरोपीय देशों में उपलब्ध होगा। इन देशों के लिये गूगल प्ले (गूगल का स्टोर) में यह बिक्री हेतु उपलब्ध है। भारत में यह पहले से नवम्बर में जारी होने की उम्मीद थी। अब पक्का हो गया है कि भारत में ३जी मॉडल  आ जायेगा।

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गूगल ने पेश किया ऍलजी निर्मित स्मार्टफोन – नैक्सस ४

Tuesday, October 30th, 2012

गूगल ने कल अपने नवीनतम नैक्सस डिवाइस पेश किये। इनमें ऍलजी निर्मित नैक्सस ४ स्मार्टफोन भी शामिल है। नैक्सस ४ नामक यह फोन ऍण्ड्रॉइड के नवीनतम संस्करण ४.२ से लैस है।

Nexus 4

आइये नजर डालते हैं इसकी स्पैसिफिकेशन पर:-

» ४.७ इंच ऍचडी IPS+ डिस्प्ले, १२८०×७६८ रिजॉल्यूशन ३२० PPI, १६ मिलियन कलर्स

» १.५ गीगाहर्ट्ज स्नैपड्रैगन S4 क्वाड कोर प्रोसैसर

» २ जीबी रैम

» फ्लैश युक्त ८ मेगापिक्सल मुख्य कैमरा, १.३ मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा

» १६ जीबी/३२ जीबी आन्तरिक स्टोरेज, ऍक्सटर्नल कार्ड स्लॉट नहीं

» माइक्रो यूऍसबी २.० पोर्ट

» माइक्रो HDMI पोर्ट

» ३जी, ४जी LTE नहीं

» वाइ-फाइ, ब्ल्यूटुथ, NFC, DLNA

» वायरलैस चार्जिंग

» जीपीऍस, ऍक्सलरोमीटर, गायरोस्कोप, प्रॉक्सिमिटी, कम्पास, बैरोमीटर

» २,१०० mAh बैट्री, बैट्री रिमूवेबल नहीं

» ऍण्ड्रॉइड ४.२ (जैली बीन)

नैक्सस ४ ऍलजी के ऑप्टिमस जी स्मार्टफोन पर आधारित है। यह ९.१ मिलीमीटर मोटा तथा १३९ ग्राम भारी है। इसकी स्क्रीन गोरिल्ला ग्लास २ से बनी है। हार्डवेयर बटनों के स्थान पर ऑनस्क्रीन बटन ही हैं। इसमें माइक्रो सिम कार्ड पड़ता है जो कि एक ट्रे में लगाकर एक किनारे की तरफ स्लॉट में लगता है। नैक्सस १० के बदसूरत डिजाइन के विपरीत इसका डिजाइन सुन्दर और स्लीक है। डिजाइन के मामले में यह मुझे यह पिछले नैक्सस फोनों तथा सैमसंग के S3 से बेहतर लगा।

माइक्रो HDMI पोर्ट अलग से होने से इसे HDMI पोर्ट युक्त किसी भी मॉनीटर या टीवी से आसानी से जोड़कर बड़ी स्क्रीन पर डिस्प्ले देखा जा सकता है। स्मार्टफोन में आमतौर पर यह काम MHL समर्थन युक्त यूऍसबी पोर्ट से यूऍसबी-टू-HDMI केबल द्वारा किया जाता है। एक तो MHL फंक्शन सभी स्मार्टफोनों में होता नहीं दूसरे उपयुक्त केबल भी आसानी से नहीं मिलती। वैसे नैक्सस ४ का यूऍसबी पोर्ट MHL फंक्शन युक्त भी है।

कमियों की बात करें तो इसमें मेमोरी कार्ड स्लॉट नहीं है जिस कारण आप इनबिल्ट स्टोरेज से ज्यादा नहीं बढ़ा सकते। दूसरी कमी है इसकी बैट्री नॉन-रिमूवेबल है। मैं सफर के दौरान दो-तीन ऍक्स्ट्रा बैट्री साथ रखता हूँ ताकि यदि रास्ते में फोन चार्ज न किया जा सके तो बैट्री बदल ली जाय। इस फोन में यह सम्भव नहीं होगा। सिम कार्ड स्लॉट बगल में होने से जहाँ पिछला कवर खोलने का झंझट नहीं वहीं माइक्रो सिम कार्ड होने से आइफोन की तरह सिम काट कर डालने का नया झंझट हो गया है। पता नहीं गूगल नैक्सस ब्राँड वाले डिवाइसों में ऐसी ऍपल स्टाइल की बंदिशें क्यों लाद रहा है।

ऍण्ड्रॉइड ४.२ में फोटो स्फीयर नामक एक नयी फीचर है जो कि ३६० डिग्री पर पैनोरमा फोटो लेती है। ऍण्ड्रॉइड ४.२ में Swype शैली का गैस्चर टाइपिंग कीबोर्ड भी है जिस पर कुंजियों के ऊपर अंगुलियाँ फिराकर टाइप किया जा सकता है। इसमें वायरलैस डिस्प्ले है जिससे स्मार्टफोन की स्क्रीन को (ऍपल के एयरप्ले की तरह) मीराकास्ट सक्षम ऍचडीटीवी  की स्क्रीन पर भेजा जा सकता है। ऍण्ड्रॉइड ४.२ की मल्टीयूजर सुविधा केवल टैबलेटों में उपलब्ध होगी। गूगल नाउ का नवीनतम संस्करण है।

नैक्सस ४ का वीडियो डेमो देखिये।

यह ८ जीबी तथा १६ जीबी के मॉडलों में उपलब्ध होगा। मेमोरी कार्ड स्लॉट न होने के हिसाब से मेरे विचार से यह १६ जीबी तथा ३२ जीबी के मॉडलों में होना चाहिये था। ८ जीबी मॉडल की कीमत ३०० डॉलर (लगभग १६,००० रुपये) तथा १६ जीबी मॉडल की कीमत ३५० डॉलर (लगभग १९,००० रुपये) है। फीचरों तथा नैक्सस ब्राँड के हिसाब से यह वाजिब कीमत है। इसमें ४जी नहीं पर भारत में इसका न होना फिलहाल कोई मायने नहीं रखता। मेमोरी कार्ड स्लॉट तथा रिमूवेबल बैट्री यदि आपके लिये खास मायने नहीं रखते तो यह एक बढ़िया चॉइस है। इसे खरीदने का एक विेशेष फायदा नैक्सस ब्राँड है। नैक्सस ब्राँड वाले डिवाइसों को ऍण्ड्रॉइड अपडेट के लिये अपने डिवाइस निर्माता के भरोसे नहीं रहना पड़ता। नवीनतम अपडेट पहले दिन ही सीधे गूगल से उपलब्ध हो जाते हैं। यह १३ नवम्बर से यूरोपीय देशों में उपलब्ध होगा। इन देशों के लिये गूगल प्ले (गूगल का स्टोर) पर यह बिक्री हेतु उपलब्ध है।

Google unveils LG made Nexus 4 smartphone

गूगल ने पेश किया सैमसंग निर्मित १० इंची टैबलेट – नैक्सस १०

Tuesday, October 30th, 2012

गूगल ने कल सैमसंग द्वारा निर्मित १० इंची टैबलेट नैक्सस १० घोषित किया। गूगल के नैक्सस ७ टैबलेट के सफल होने के बाद यह आइपैड को सीधी चुनौती है। यह एक हाइ-ऍण्ड टैबलेट है।

Nexus 10

इसकी १०.१ इंच बड़ी स्क्रीन २५६०×१९२० रिजॉल्यूशन वाली है जो कि वीडियो को हाइ-डैफीनीशन में देखने हेतु बेहतरीन होगी। एक बात आश्चर्यजनक है कि कम कीमत के नैक्सस ७ में क्वाड कोर प्रोसैसर देने के बावजूद इस बड़े टैबलेट में गूगल ने ड्यूल कोर ही रखा। सॉफ्टवेयर की बात करें तो इसमें गूगल का नवीनतम ऍण्ड्रॉइड ४.२ है। इस संस्करण में मल्टीयूजर सुविधा, Swype शैली का कीबोर्ड तथा अन्य नयी फीचर शामिल हैं।

इसकी स्पैसिफिकेशन निम्नलिखित हैं।

» १०.१ इंच IPS स्क्रीन, २५६०×१६०० रिजॉल्यूशन २९९ PPI

» सैमसंग निर्मित १.७ गीगाहर्ट्ज ड्यूल कोर A15 प्रोसैसर

» ARM Mali-T604 ग्राफिक्स प्रोसैसर

» २ जीबी रैम

» ५ मेगापिक्सल मुख्य कैमरा, १.९ मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा

» माइक्रो यूऍसबी पोर्ट, माइक्रो HDMI पोर्ट

» १६ जीबी/३२ जीबी आन्तरिक स्टोरेज, कार्ड स्लॉट नहीं

» वाइ-फाइ, ब्ल्यूटुथ ४.०, GPS, ड्यूल NFC (आगे तथा पीछे)

» स्टीरियो स्पीकर

» ९,००० mAh बैट्री

» ऍण्ड्रॉइड ४.२

अब इस टैबलेट की सबसे बड़ी कमी की बात करें। यद्यपि यह पतला (८.९ मिलीमीटर) और हल्का (६०३ ग्राम) है पर भयंकर रूप से बदसूरत है। इसके लीक हुये वीडियो से ही इसके बेकार लुक का अंदाजा हो गया था लेकिन अब यह पक्का हो गया। विश्वास नहीं होता कि सैमसंग इतना बदसूरत डिजाइन बना सकता है। इसके किनारे गोल हैं, स्पीकर किनारों पर हैं। गूगल को ऍपल से कुछ तो सीखना चाहिये। ऍपल के उत्पादों की लोकप्रियता एक बड़ा कारण उनका सुन्दर डिजाइन है।

नैक्सस १० का वीडियो डेमो देखिये।

इसे खरीदने का एकमात्र लोभ इसका पावरफुल हार्डवेयर तथा नैक्सस ब्राँड है। नैक्सस ब्राँड वाले डिवाइसों को ऍण्ड्रॉइड अपडेट के लिये अपने डिवाइस निर्माता के भरोसे नहीं रहना पड़ता। नवीनतम अपडेट पहले दिन ही सीधे गूगल से उपलब्ध हो जाते हैं। तो यदि आप लुक की बजाय पावर को महत्व देते हैं और तत्काल अपडेट चाहते हैं तो यह आपके लिये है। इसकी कीमतें भी आइपैड की तुलना में वाजिब हैं।

१६ जीबी मॉडल की कीमत ४०० डॉलर (लगभग २१,००० रुपये) तथा ३२ जीबी मॉडल की ५०० डॉलर (लगभग २७,००० रुपये) है। यह १३ नवम्बर से अमेरिका तथा बाद में अन्य देशों में उपलब्ध होगा। अमेरिका आदि के लिये गूगल प्ले (गूगल का स्टोर) पर यह उपलब्ध है। ३जी मॉडल की अभी कोई सूचना नहीं है।

Google unveils Samsung made Nexus 10 tablet

गूगल का नैक्सस ७ टैबलेट (सम्भवतः ३जी मॉडल) भारत में नवम्बर में जारी होगा

Monday, September 24th, 2012

गूगल का सस्ता ७ इंची टैबलेट नैक्सस ७ खूब लोकप्रिय हो रहा है। आसुस इण्डिया ने हाल ही में घोषणा की कि  यह टैबलेट भारत में नवम्बर में जारी होगा। गूगल और आसुस द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस टैबलेट की भारतीय परिप्रेक्ष्य के हिसाब से सबसे बड़ी कमी ३जी सुविधा का न होना है। भारत जैसे देश में जहाँ सार्वजनिक वाइ-फाइ हॉटस्पॉट सुलभ नहीं वहाँ किसी भी मोबाइल डिवाइस में इनबिल्ट ३जी सुविधा आवश्यक है।

asus-google-nexus-7

वैसे वाइ-फाइ+३जी वाले मॉडल को भारत ही नहीं दुनिया में बाकी जगह भी केवल वाइ-फाइ वाले मॉडल की तुलना में प्राथमिकता दी जाती है। यह चर्चा जोरों पर हैं कि गूगल ने ३जी सुविधा वाले नैक्सस ७ का निर्माण शुरु कर दिया है जो कि अक्तूबर में जारी होने की सम्भावना है। यद्यपि अभी ३जी मॉडल की कोई पुष्टि नहीं की गयी है पर इसकी प्रबल सम्भावना जतायी जा रही है। भारत में वाइ-फाइ की सुलभता न होने की समस्या के चलते सम्भावना है कि भारत में नवम्बर में ३जी वाला ही मॉडल जारी हो। गौरतलब है कि पहले इस टैबलेट के भारत में अक्तूबर में जारी होने की सूचना थी पर बाद में कथित रूप से इसे आगे बढ़ा दिया गया। इससे इस सम्भावना को बल मिलता है कि भारत में ३जी वाला ही मॉडल आये।

१२००×८०० रिजॉल्यूशन की ७ इंच स्क्रीन, १.२ गीगाहर्ट्ज क्वाड कोर प्रोसैसर, १ जीबी रैम तथा ऍण्ड्रॉइड के नवीनतम संस्करण ४.१ (जैली बीन) वाला यह टैबलेट कम कीमत के चलते खूब बिक रहा है। ऍक्सटर्नल मेमोरी कार्ड स्लॉट तथा HDMI पोर्ट न होना ही बस दो कमियाँ हैं, बाकी सब ठीक है। तो हम भी इन्तजार कर रहे हैं कि ३जी वाला नैक्सस ७ भारत में जारी हो और यदि इसकी भारतीय कीमत २००/२५० डॉलर वाली अन्तर्राष्ट्रीय कीमत के ही समकक्ष हो तो लपक लें।

अपडेट:- नैक्सस ७ का ३२ जीबी स्टोरेज युक्त ३जी मॉडल जारी हो गया है। अब भारत में ३जी मॉडल आना सुनिश्चित हो गया है।

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नैक्सस ७–गूगल का सस्ता क्वाड कोर टैबलेट जारी

Thursday, July 5th, 2012

लम्बे समय से गूगल द्वारा आसुस के साथ मिलकर एक सस्ता क्वाड कोर ऍण्ड्रॉइड टैबलेट लाने की चर्चा थी। अन्ततः गूगल ने सैन फ्राँसिस्को में हुई गूगल  I/O डैवलपर कॉन्फ्रैंस में इसका अनावरण किया। यह गूगल का ऍपल के आइपैड तथा अमेजन के किंडर फायर को टक्कर देने की कोशिश है। साथ ही गूगल इस सस्ते टैबलेट के द्वारा टैबलेट बाजार में ऍण्ड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को सुस्थापित करना चाहता है।

Google-Nexus-7 ¡Ya puede ser pre ordenado!

इसकी स्पैसिफिकेशन निम्नलिखित हैं।

» नीवीडिया टैग्रा ३ क्वाड कोर प्रोसैसर, १.३ गीगाहर्ट्ज क्लॉक स्पीड

» १ जीबी रैम

» ७ इंच कैपैस्टिव स्क्रीन, IPS डिस्प्ले, १२८०x८०० पिक्सल रिजॉल्यूशन

» १.२ मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा, रियर कैमरा नहीं

» माइक्रो यूऍसबी

» वाइ-फाइ, ब्ल्यूटुथ, NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन)

» ३जी/४जी नहीं

» ८ जीबी तथा १६ जीबी के मॉडलों में, कार्ड स्लॉट नहीं

»  ऍण्ड्रॉइड ४.१ (जैली बीन्स)

» ४३२५ mAh बैट्री

» ऍक्सलरोमीटर, गायरो, प्रॉक्सिमिटी, कम्पास

नैक्सस ७ के ८ जीबी मॉडल की कीमत $ 199 (लगभग ₹ १०,८५०) तथा १६ जीबी मॉडल की $ 249 (लगभग ₹ १३,५८०) होगी। कम कीमत के चलते यह सबकी पहुँच में है। यह पहला ७ इंची टैबलेट है जिसमें क्वाड कोर प्रोसैसर आया है। जैली बीन्स में कई नई सुविधायें हैं जैसे ऑफलाइन वॉइस टाइपिंग, प्रोजैक्ट बटर, गूगल नाउ, अद्यतित फोटो शेयरिंग ऍप, गूगल वैलेट तथा NFC तकनालॉजी आदि। यह ऍण्ड्रॉइड ४.१ (जैली बीन्स) वाला पहला टैबलेट है। गूगल का उत्पाद होने से इसे ऍण्ड्रॉइड का भविष्य का भी कोई भी अपडेट सबसे पहले मिलेगा। इसकी स्क्रीन गोरिल्ला ग्लास से बनी है। तेज प्रोसैसर के चलते यह वीडियो गेम्स के लिये भी उपयुक्त है।

अब बात करें इसकी कमियों की। इसमें मुख्य (रियर) कैमरा नहीं है। शायद कीमत कम रखने के लिये इसे निकाला गया है। इसकी बजाय फ्रंट कैमरा हाइ रिजॉल्यूशन दिया गया है ताकि वीडियो चैट अच्छी हो। १० इंच की टैबलेट से फोटो लेना थोड़ा अजीब लग सकता है पर ७ इंच वाली इस काम के लिये चल सकती है। यद्यपि फोटो लेने के लिये स्मार्टफोन बेहतर है लेकिन माना आप कोई फोटो लेकर इंटरनेट पर पोस्ट करना चाहते हों तो सीधे टैबलेट से लेकर नेट पर ज्यादा आसानी से डाला जा सकता है। मुख्य कैमरा रखने से कीमत थोड़ी सी बढ़ जाती पर एक और सुविधा मिल जाती। खैर यह कमी नजरअन्दाज की जा सकती है क्योंकि टैबलेट में रियर कैमरे की बजाय फ्रंट कैमरा ज्यादा आवश्यक है।

Nexus-7-Tablet (4)

नैक्सस ७ निश्चित रूप से मीडिया उपभोग के लिये बना है। उपकरण की कई ऍप्लिकेशन तथा विजेट गूगल प्ले स्टोर में जोड़ी गयी नयी सामग्री जैसे मैगजीन, टीवी शो, मूवी, म्यूजिक आदि के उपयोग के हिसाब से डिजाइन की गयी हैं। समस्या ये है कि भारत में ऍप्लिकेशन स्टोर के अतिरिक्त हमारी पहुँच किसी और तरह की सामग्री तक नहीं है। यानि हमें यदि घर से बाहर रहते हुये इस प्रकार की सामग्री की आवश्यकता हो तो हमें सब कुछ टैबलेट में स्वयं ही डालना होगा। यह समस्या ऍपल के आइक्लाउड की ही तरह है। गूगल ने अब तक इस बारे में कुछ नहीं किया।

दूसरी कमी है कार्ड स्लॉट न होना जिससे आप इसकी स्टोरेज क्षमता नहीं बढ़ा सकते तथा ऑनबोर्ड मेमोरी से ही काम चलाना पड़ेगा। यह एक बड़ी कमी है क्योंकि टैबलेट जैसे पोर्टेबल मनोरंजन के उपकरण में कोई भी अधिक से अधिक सामग्री रखना चाहता है। एक कार्ड स्लॉट शामिल करने से टैबलेट की कीमत में कोई विशेष अन्तर न पड़ता। गूगल के अनुसार इस टैबलेट में ३डी गेम्स बेहतरीन चल सकती हैं। इन गेम्स को काफी स्थान की आवश्यकता होती है। इनबिल्ट स्टोरेज में से काफी हिस्सा तो स्वयं ऑपरेटिंग सिस्टम ही ले लेता है। एक टैबलेट जिसे मनोरंजन उपकरण के तौर पर बनाया गया हो उसमें कार्ड स्लॉट न होना निराशाजनक है।

सबसे बड़ी कमी है टैबलेट में ३जी सुविधा का न होना। भारत जैसे देश में जहाँ वाइ-फाइ सुविधा सुलभ नहीं, ३जी अत्यन्त आवश्यक है ताकि प्रयोक्ता कहीं भी इंटरनेट प्रयोग कर सके। ३जी के बिना यह एक इंटरनेट विहीन मीडिया प्लेयर मात्र रह जायेगा। एक पोर्टेबल इंटरनेट डिवाइस में ३जी सुविधा तो होनी ही चाहिये। जब आजकल काफी कम कीमत के ३जी फोन आ रहे हैं तो इस टैबलेट में ३जी क्यों नहीं रखा जा सकता था। इसमें फोन फीचर भी नहीं है जिससे वॉइस कॉल, SMS आदि नहीं कर सकते।

एक और कमी है वीडियो-आउट का न होना। टैबलेट की सामग्री का मजा किसी बड़ी स्क्रीन पर लेने के लिये इसमें HDMI पोर्ट होना चाहिये था ताकि इसे किसी LCD टीवी के साथ जोड़ा जा सके। फोटो तथा वीडियो को बड़ी स्क्रीन पर देखने के लिये यह सुविधा उपयोगी है।

स्पष्ट है कि गूगल ने कीमत कम रखने के लिये क्वालिटी से तो समझौता नहीं किया पर सुविधाओं में कटौती की। गूगल ने इसे अपने प्ले स्टोर के हिसाब से बनाया है पर भारत में वह पूरी तरह उपलब्ध नहीं साथ ही कार्ड स्लॉट और ३जी सुविधायें नहीं हैं। इन कारणों से मैं इसकी बजाय सैमसंग गैलैक्सी टैब २ (७.०) लेना पसन्द करूँगा जिसमें ३जी और कार्ड स्लॉट दोनों हैं। ३जी और कार्ड स्लॉट न होने के चलते कम कीमत और अपनी खूबियों के बावजूद यह भारतीय उपभोक्ताओं के अनुकूल नहीं। गूगल के इस टैबलेट की लम्बे समय से प्रतीक्षा थी पर इसने निराश किया।

अपडेट:- नैक्सस ७ का ३२ जीबी एवं ३जी मॉडल भी जारी हो गया है। ८ जीबी मॉडल बन्द कर दिया गया है तथा १६ जीबी वाले की कीमत में कटौती हुयी है। अधिक जानकारी के लिये यह लेख पढ़ें।

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गूगल लायेगा सस्ता ७ इंच ऍण्ड्रॉइड ४.० टैबलेट

Wednesday, March 28th, 2012

सस्ते टैबलेटों की घोषणा का दौर जारी है। ऍण्ड्रॉइड २.३ वाले जहाँ ढेरों सस्ते टैबलेट बाजार में पहले से मौजूद हैं वहीं आसुस ने $ २५० वाली क्वाड कोर टैबलेट की घोषणा कर सनसनी फैला दी थी। अब गूगल भी एक सस्ता ७ इंच टैबलेट लाने की तैयारी में है। यह टैबलेट ड्यूल कोर प्रोसैसर (पहले क्वाड कोर की सम्भावना जतायी जा रही थी) तथा स्टॉक ऍण्ड्रॉइड ४.० (आइस क्रीम सैंडविच) युक्त होगा। इसकी रिजॉल्यूशन १२८० x ८०० होने की उम्मीद है। इसका मूल्य $ १४९ से $ १९९ (लगभग ₹ ८,५०० से ₹ १०,०००) के बीच होगा। यह एक ‘गूगल ऍक्सपीरियंस डिवाइस’ होगा तथा इसे सम्भवतः नैक्सस फोन की तरह नैक्सस टैबलेट नाम दिया जाय।

यद्यपि यह सोचना स्वाभाविक है कि गूगल का यह टैबलेट मोटोरोला बनाता क्योंकि वह ज़ूम टैबलेट में ऍण्ड्रॉइड ३.० (हनीकॉम्ब) के लिये गूगल का पार्टनर भी था और अब गूगल द्वारा खरीदा जा चुका है फिर भी समाचार है कि गूगल इसके लिये आसुस से अऩुबन्ध कर रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आसुस के $ २५० वाले ईपैड मैमो ३७०टी पर ही आधारित होगी। कीमत को $ १४९-$ १९९ के आँकड़े तक लाने के लिये हार्डवेयर स्तर पर कुछ कटौती की जा सकती है। वैसे भी आसुस का टैबलेट लगभग स्टॉक ऍण्ड्रॉइड वाला ही है, संशोधन (कस्टमाइजेशन) काफी कम है।

यह कदम गूगल सस्ते टैबलेट बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिये कर रहा है। लोग सस्ता टैबलेट चाहते हैं, अमेजन के $ १९९ वाले किंडल फायर ने यह बात साबित की है। किंडल फायर टैबलेट अत्यन्त सफल रहा है। कुछ लोगों को लगेगा कि गूगल का अमेजन की सफलता से खुश होना चाहिये परन्तु गूगल इसे टैबलेट मार्केट में अपने प्रतिद्वन्दी के रूप में देखता है। कारण यह है कि किंडल फायर ऍण्ड्रॉइड पर आधारित होने के बावजूद अमेजन ने इसमें गूगल की तमाम मोबाइल सेवायें (ऍपस्टोर, मूवीज़, म्यूजिक आदि खरीदी जाने वाली सामग्री) हटाकर अपनी वाली डाल रखी हैं जिससे इनकी बिक्री से तमाम लाभ अमेजन को ही जाता है, गूगल को नहीं। दूसरे शब्दों में कहें तो इसके ऍण्ड्रॉइड आधारित होने के बावजूद अमेजन ने गूगल के इकोसिस्टम को अपने इकोसिस्टम से रिप्लेस कर दिया। इसलिये गूगल ग्राहकों को सस्ता और विशुद्ध ऍण्ड्रॉइड टैबलेट उपलब्ध कराना चाहता है ताकि अमेजन की इस चुनौती का सामना कर सके।

कुल मिलाकर यह समाचार ग्राहकों के फायदे में है। एक तो वे किफायती दाम पर टैबलेट खरीद पायेंगे दूसरे गूगल का अपना टैबलेट होने से ऍण्ड्रॉइड के अपडेट तत्काल उपलब्ध हो सकेंगे। इस टैबलेट में हिन्दी का पूरा समर्थन होने की उम्मीद भी है क्योंकि एक तो ऍण्ड्रॉइड ४.० में काफी हद तक हिन्दी समर्थन है ही, दूसरे यह गूगल की है जिसके नैक्सस फोन में हिन्दी समर्थन है और तीसरी बात कि आसुस द्वारा अपनी टैबलेटों हेतु उपलब्ध करवाये गये हालिया अपडेट में पूरा हिन्दी समर्थन मौजूद है।

इस टैबलेट का निर्माण अप्रैल में शुरु होने की उम्मीद है, शुरु में १.५ मिलियन सैट बनाये जायेंगे तथा इसके २०१२ की पहली छमाही में जून के आसपास जारी होने की उम्मीद है। बाद में इसका १० इंच संस्करण भी बनाये जाने की अफवाहें हैं जिसकी कीमत $ ३०० के लगभग होगी। निश्चित रूप से यह टैबलेट उन लोगों के लिये बेहतरीन तोहफा होगी जो कि एक अच्छे बजट टैबलेट का इन्तजार कर रहे हैं।

अपडेट:- बताया जा रहा है कि इस टैबलेट का नाम नैक्सस ७ होगा तथा इसमें इंटरनेट ह ३जी/४जी नहीं होगा, केवल वाइ-फाइ होगा। यह भारतीय माहौल में वाइ-फाइ की सुलभता न होने के चलते निराशाजनक समाचार है।

Google to bring cheap 7 inch Android 4.0 tablet

ई-पण्डित गूगल ट्राँसलिट्रेशन हैल्पर–रोमनागरी को देवनागरी में बदलने के लिये जुगाड़ जारी

Monday, March 26th, 2012

ई-पण्डित गूगल ट्राँसलिट्रेशन हैल्पर, गूगल ट्राँसलिट्रेशन के द्वारा रोमनागरी (रोमन में लिखी हिन्दी) टैक्स्ट को यूनिनागरी (यूनिकोड देवनागरी) में बदलने में सहायता करने हेतु एक औजार है।

अक्सर हम इंटरनेट पर ब्लॉगों, फेसबुक आदि में कुछ सामग्री रोमनागरी में लिखी देखते हैं। रोमनागरी में लिखना कुछ लोगों को जहाँ सरल लगता है वहीं इसे पढ़ना उतना ही कठिन होता है। अब रोमनागरी को देवनागरी में बदलने के लिये गूगल का भूतपूर्व बेहतरीन औजार गूगल स्क्रिप्ट कन्वर्टर बन्द होने के बाद से हिन्दी वाले भाई लोग बहुत दुःखी हैं। अब लोग यह काम गूगल ट्राँसलिट्रेशन की साइट पर जाकर करते हैं लेकिन समस्या ये है कि इसमें रोमन टैक्स्ट डालने पर वह इकट्ठा नहीं बदलता बल्कि हर शब्द के अन्त में जाकर स्पेस दबाना पड़ता है जो कि विशेषकर लम्बे टैक्स्ट के मामले में काफी झंझट का काम है।

ई-पण्डित गूगल ट्राँसलिट्रेशन हैल्पर नामक यह औजार इसी मर्ज की दवा है। यह जुगाड़ स्पेस दबाने के झंझट को दूर करता है। हाल ही में तकनीकी हिन्दी चर्चा समूह पर कुछ सदस्यों द्वारा गूगल ट्राँसलिट्रेशन सम्बन्धी उपर्युक्त समस्या की शिकायत के चलते इस जुगाड़ का विचार आया।

यह औजार एक सिंगल ऍक्जीक्यूटेबल फाइल के रूप में है। किसी इंस्टालेशन की आवश्यकता नहीं, बस डाउनलोड करें एवं चलायें। डाउनलोड एवं विस्तृत जानकारी के लिये औजार के होमपेज पर जायें।

http://epandit.shrish.in/labs/GoogleTransHelper

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